कर्नाटक

Siddaramaiah का बयान: ‘हाईकमान का फैसला मानूंगा, 5 साल मुख्यमंत्री रहूंगा या नहीं तय वे करेंगे’

Kavita2
6 May 2026 2:39 PM IST
Siddaramaiah का बयान: ‘हाईकमान का फैसला मानूंगा, 5 साल मुख्यमंत्री रहूंगा या नहीं तय वे करेंगे’
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Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक बार फिर साफ किया है कि उनके पद और भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान ही लेगा। बुधवार को मंडकल्ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वह केवल पार्टी नेतृत्व के फैसलों का पालन करेंगे और कोई भी अन्य राय व्यक्तिगत मानी जाएगी।

सिद्धारमैया ने कहा, “मैं सिर्फ हाईकमान की सुनूंगा। अगर वे कहेंगे तो मैं पांच साल तक मुख्यमंत्री रहूंगा। कांग्रेस सरकार पूरे पांच साल सत्ता में रहेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और नेतृत्व से जुड़े सभी अहम फैसले पार्टी हाईकमान द्वारा ही लिए जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी अन्य व्यक्ति की टिप्पणी केवल उनकी निजी राय होती है और उसका पार्टी की आधिकारिक नीति से कोई संबंध नहीं होता। उनके इस बयान को कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति और नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसी दौरान उन्होंने बताया कि कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने अभी तक उन्हें नई दिल्ली नहीं बुलाया है। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी उन्हें बुलाते हैं तो वह निश्चित रूप से दिल्ली जाएंगे। सिद्धारमैया ने कहा कि वे स्वयं तभी जाएंगे जब उन्हें समय दिया जाएगा और पार्टी नेतृत्व की ओर से बुलावा आएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली यात्रा के दौरान यदि मुलाकात होती है तो कैबिनेट में फेरबदल या विस्तार जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इस तरह की बैठक कब होगी, क्योंकि यह पूरी तरह हाईकमान के निर्णय पर निर्भर करता है।

मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी भी तरह की चर्चा या अटकलों पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को ही लेना है। उन्होंने दोहराया कि वे हाईकमान के निर्देशों के अनुसार ही काम करेंगे और संगठनात्मक निर्णयों का सम्मान करेंगे।

सिद्धारमैया के इस बयान को कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व और प्रशासनिक फैसलों को लेकर चल रही चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान पार्टी के भीतर निर्णय प्रक्रिया और नेतृत्व संरचना को लेकर स्पष्टता देने की कोशिश है।

फिलहाल कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री पद और कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन सिद्धारमैया ने यह संकेत दिया है कि सभी महत्वपूर्ण फैसले दिल्ली स्थित कांग्रेस नेतृत्व द्वारा ही लिए जाएंगे।

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