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Haveri हावेरी। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने गुरुवार को कहा कि इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 4 मई के बाद भी अपने पद पर बने रहेंगे या नहीं। यह इस बात का संकेत है कि राज्य में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम हो सकते हैं।
हावेरी में पत्रकारों से बात करते हुए बोम्मई ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कहा, "खड़गे ने मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा जाहिर की है। 4 मई के बाद यह साफ नहीं है कि सिद्धारमैया मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहेंगे या नहीं। हम भी कुछ बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं।"
राज्य में नेतृत्व परिवर्तन से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने दोहराया कि राजनीतिक घटनाक्रम होने की संभावना है। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल्स पर बोम्मई ने कहा कि असम में भाजपा को दो-तिहाई बहुमत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल हमारी उम्मीदों के मुताबिक हैं। पश्चिम बंगाल में चुनौतियों और तृणमूल कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर डराने-धमकाने के बावजूद लोग बदलाव चाहते हैं। लगभग 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। पश्चिम बंगाल के नतीजे देश के लिए एक दिशा तय करेंगे। पांच राज्यों के नतीजे पूरे भारत में भारतीय जनता पार्टी की प्रगति का संकेत देंगे।
बेंगलुरु में हाल ही में बारिश से जुड़ी घटनाओं को लेकर राज्य सरकार की आलोचना करते हुए बोम्मई ने कहा कि यह साफ नहीं है कि राज्य में कांग्रेस सरकार काम कर रही है या नहीं। भारी बारिश की मौसम चेतावनियों के बावजूद कोई तैयारी नहीं की गई। लोगों के लिए यह सरकार लगभग बेकार ही है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के आगामी अभिमानोत्सव (उत्सव) के माध्यम से पूरे राज्य में एक संदेश पहुंचाया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि कर्नाटक में बदलाव की एक लहर है। एक बड़ा राजनीतिक बदलाव आने वाला है। यह कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी के उभार का प्रतीक होगा, और हमें उम्मीद है कि इसमें लगभग 10 लाख लोग शामिल होंगे। यह एक रिकॉर्ड तोड़ने वाला कार्यक्रम होगा।
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार सुबह इस बात पर जोर दिया था कि निकट भविष्य में कर्नाटक के मुख्यमंत्री नहीं बदले जाएंगे। यह टिप्पणी वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों की ओर से इस मुद्दे पर स्पष्टता की बढ़ती मांगों और अटकलों के बीच आई थी।
गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए खड़गे ने कहा कि अभी सिद्धारमैया को बदलने का कोई सवाल ही नहीं उठता और मुख्यमंत्री अपने पद पर बने रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि नेतृत्व को लेकर कोई भी फैसला लेने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा जरूरी होगी, जिसमें राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को बदलने का कोई सवाल उठता है, तो हम सब मिलकर इस पर चर्चा करेंगे। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और हम सभी इस मामले पर विचार-विमर्श करेंगे।
मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी संभावित उम्मीदवारी के बारे में पूछे जाने पर खड़गे ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की चर्चाएं ज्यादातर मीडिया द्वारा ही चलाई जाती हैं। उन्होंने दोहराया कि पार्टी के फैसले शीर्ष नेतृत्व द्वारा सामूहिक रूप से लिए जाते हैं। साथ ही, इस बात पर भी जोर दिया कि कर्नाटक में पहले से ही एक मुख्यमंत्री मौजूद हैं।
खड़गे ने आगे कहा, "हर कोई यही कहता है और मीडिया भी इसकी रिपोर्ट करता है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व और दोनों पक्षों के नेता कहते हैं कि अगर मैं मुख्यमंत्री बनूं तो यह अच्छा होगा। हालांकि, इसे किस्मत का मामला मानने के बजाय, हम अपनी पार्टी की विचारधारा के अनुसार काम करते हैं। हमारे ज्यादातर फैसले सोनिया गांधी ही लेती हैं। वैसे भी, अभी यह सवाल उठता ही नहीं है, क्योंकि कर्नाटक में पहले से ही एक मुख्यमंत्री मौजूद हैं।
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