कर्नाटक

फर्जी स्टिंग वीडियो पर सिद्धारमैया का बड़ा खुलासा ब्लैकमेलिंग का आरोप

Ratna Netam
23 Oct 2026 7:36 PM IST
फर्जी स्टिंग वीडियो पर सिद्धारमैया का बड़ा खुलासा ब्लैकमेलिंग का आरोप
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मैसूर : 23 अक्टूबर 2026। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने कथित स्टिंग ऑपरेशन वीडियो को लेकर बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को मैसूर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया। सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि यह वीडियो उन्हें ब्लैकमेल करने और उनकी राजनीतिक छवि खराब करने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस को औपचारिक शिकायत दी गई है और वीडियो के प्रसारण तथा प्रसार को रोकने के लिए सिविल कोर्ट से निषेधाज्ञा भी प्राप्त की गई है।सिद्धारमैया ने कहा कि वह चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और वीडियो तैयार करने तथा प्रसारित करने के पीछे शामिल लोगों की पहचान सार्वजनिक हो। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी।
सिद्धारमैया बोले- मुझे ब्लैकमेल करने की कोशिश
पत्रकारों से बातचीत में सिद्धारमैया ने कहा कि उनके खिलाफ सामने आया कथित स्टिंग ऑपरेशन वास्तविक नहीं है। उन्होंने इसे जानबूझकर तैयार किया गया झूठा मामला बताया।उन्होंने कहा, "यह एक झूठा मामला है। इसे मुझे ब्लैकमेल करने के इरादे से रचा गया है। इसलिए मैंने खुद शिकायत दर्ज कराई है, ताकि सच सामने आ सके।"कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि वीडियो के पीछे कौन लोग हैं और इसे किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया।उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में लंबे कार्यकाल के दौरान उन्हें ऐसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ा था। उनके मुताबिक, अब जब वह सत्ता में नहीं हैं, तब उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है।
सिविल कोर्ट से मिली बड़ी राहत
सिद्धारमैया ने बताया कि कथित वीडियो का प्रसार रोकने के लिए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।बेंगलुरु की अतिरिक्त सिटी सिविल एवं सत्र अदालत ने 13 अक्टूबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए संबंधित वीडियो और उससे जुड़ी सामग्री के प्रसारण, प्रकाशन तथा सोशल मीडिया पर प्रसार पर रोक लगाई थी।अदालत ने संबंधित पक्षों को विवादित सामग्री हटाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उसकी उपलब्धता रोकने के निर्देश भी दिए थे। यह अंतरिम आदेश है और इससे वीडियो की प्रामाणिकता पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं निकलता।
साइबर क्राइम पुलिस कर रही जांच
सिद्धारमैया की शिकायत के बाद बेंगलुरु की साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।जांच के दौरान कथित तौर पर वीडियो तैयार करने, संपादित करने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की है। रिपोर्ट के अनुसार, एक समाचार चैनल से जुड़े राकेश शेट्टी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत में विचाराधीन है।
वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद
कथित स्टिंग ऑपरेशन का मामला कर्नाटक की राजनीति में विवाद का विषय बना हुआ है। जनता दल सेक्युलर ने भी इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने 17 अक्टूबर को पुलिस महानिदेशक कार्यालय तक मार्च किया था। पार्टी ने विशेष जांच दल के गठन की मांग करते हुए वीडियो की प्रामाणिकता और इसके प्रसार के पीछे संभावित साजिश की जांच कराने पर जोर दिया था।हालांकि, वीडियो में किए गए दावों और विभिन्न पक्षों के राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जांच में सच्चाई सामने आने का भरोसा
सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने खुद पुलिस में शिकायत इसलिए दर्ज कराई है, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि वीडियो फर्जी है और जांच से वास्तविकता सामने आएगी।उन्होंने कहा कि उनकी मांग किसी को बचाने या मामले को दबाने की नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाने की है।फिलहाल पुलिस डिजिटल सामग्री और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और अदालत के आदेशों पर निर्भर करेगी।कथित स्टिंग वीडियो को लेकर जारी विवाद के बीच अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। यह स्पष्ट होना बाकी है कि वीडियो किसने तैयार किया, उसका वास्तविक स्रोत क्या है और उसे प्रसारित करने के पीछे किसकी भूमिका थी।
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