कर्नाटक

Siddaramaiah बोले- हाईकमान बुलाएगा तभी जाएंगे दिल्ली, उपचुनाव जीत को बताया जनता का समर्थन

Kavita2
6 May 2026 10:37 AM IST
Siddaramaiah बोले- हाईकमान बुलाएगा तभी जाएंगे दिल्ली, उपचुनाव जीत को बताया जनता का समर्थन
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वे नई दिल्ली तभी जाएंगे जब कांग्रेस हाईकमान उन्हें बुलाएगा। उपचुनावों के बाद राज्य में कथित राजनीतिक हलचल और सत्ता में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उन्होंने यह बयान दिया है।

रिपोर्टरों से बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि क्या वे दिल्ली जाकर पार्टी नेतृत्व से मंत्रिमंडल विस्तार या कथित पावर ट्रांसफर पर चर्चा करेंगे, तो उन्होंने साफ कहा, “जब हाईकमान मुझसे कहेगा, मैं दिल्ली जाऊंगा।” उनके इस बयान को राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां नेतृत्व और कैबिनेट को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

जब उनसे यह भी पूछा गया कि कुछ विधायक मंत्री पद की उम्मीद में दिल्ली जा रहे हैं और मल्लिकार्जुन खड़गे का समर्थन कर रहे हैं, तो सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग दिल्ली जा रहे हैं, उनसे ही इस बारे में पूछा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है और यदि कोई मंत्री बनने की इच्छा रखता है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

उपचुनावों में कांग्रेस की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जीत उनकी सरकार की योजनाओं और गारंटी स्कीम्स पर जनता के भरोसे का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की नीतियों को जनता का समर्थन मिल रहा है, जिसकी वजह से पार्टी लगातार उपचुनाव जीत रही है।

सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस अपनी कही बात को पूरा करने वाली पार्टी है और सरकार की गारंटी योजनाओं ने चुनावी सफलता में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक पार्टी ने पांच उपचुनावों में जीत दर्ज की है, जो जनता के विश्वास को दर्शाता है।

विपक्षी पार्टी बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी ने उपचुनावों को 2028 के विधानसभा चुनावों का जनमत संग्रह बताकर प्रचार किया था। लेकिन नतीजों ने यह साबित किया है कि जनता कांग्रेस के साथ है।

उन्होंने विश्वास जताया कि जैसे उपचुनावों में जनता ने कांग्रेस को समर्थन दिया है, वैसे ही 2028 के विधानसभा चुनावों में भी पार्टी को जीत मिलेगी।

कुल मिलाकर, सिद्धारमैया के इस बयान को कर्नाटक की राजनीति में मौजूदा स्थिरता और नेतृत्व को लेकर उठ रही अटकलों के बीच एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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