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Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने किट्टूर तालुक में आयोजित 201वें किट्टूर महोत्सव के समापन समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने रानी चेनम्मा की प्रतिमा के सामने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह कार्यक्रम राज्य और स्थानीय इतिहास में रानी चेनम्मा के योगदान को याद करने और उनकी वीरता को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कहा कि रानी चेनम्मा का साहस और संघर्ष सभी कर्नाटकों और देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा, "रानी चेनम्मा ने अपने समय में महिलाओं के नेतृत्व और स्वतंत्रता के लिए अद्वितीय योगदान दिया। उनका साहस आज भी हमें न्याय, समानता और मातृशक्ति के आदर्शों की याद दिलाता है।
किट्टूर महोत्सव के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों द्वारा नृत्य, नाट्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से रानी चेनम्मा के जीवन और उनकी उपलब्धियों को दर्शाया गया। महोत्सव में स्थानीय प्रशासन, स्कूल और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया और रानी चेनम्मा की गाथाओं को प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किट्टूर महोत्सव न केवल ऐतिहासिक स्मरण का अवसर है, बल्कि यह युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को अपने संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक करने का माध्यम भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रानी चेनम्मा के आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष और साहस के साथ खड़ा होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय अधिकारियों और आयोजन समिति को महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में इस तरह के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रमों को और बढ़ावा देगी, ताकि युवा पीढ़ी अपने इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं और व्यक्तित्वों को जान सके। रानी चेनम्मा की प्रतिमा पर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के पुष्प अर्पण करने के बाद उपस्थित लोगों ने भी उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। समारोह में उपस्थित सभी नागरिकों ने रानी चेनम्मा के अदम्य साहस और नेतृत्व की सराहना की।
किट्टूर महोत्सव का समापन समारोह एक प्रेरणादायक और भावनात्मक अवसर था, जिसने लोगों को रानी चेनम्मा के संघर्ष और उनकी वीरता की याद दिलाई। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने भी अपने संबोधन में कहा कि रानी चेनम्मा के आदर्श आज भी हमारे समाज में महिलाओं के अधिकार और नेतृत्व की दिशा में प्रेरणा का काम करते हैं। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, परेड और विशेष सभाओं का आयोजन किया गया। स्थानीय लोगों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इतिहास के महत्वपूर्ण पलों को याद किया। समारोह के समापन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में इस महोत्सव को और भव्य बनाने के लिए सरकार नई योजनाओं पर काम कर रही है। इस प्रकार, 201वें किट्टूर महोत्सव का समापन समारोह रानी चेनम्मा की वीरता और साहस को याद करने का एक यादगार अवसर रहा। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पुष्प अर्पण कर और अपने भाषण के माध्यम से युवाओं और नागरिकों को इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश दिया।
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