
Karnataka कर्नाटक: विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने से पहले कुरुबा समुदाय और अन्य कुछ समुदायों के लिए बड़े पैमाने पर फंड जारी किया। वित्त विभाग ने नए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले विभिन्न सामुदायिक संस्थाओं के लिए कुल ₹71.85 करोड़ मंज़ूर किए।
इस फंड का उद्देश्य कम्युनिटी भवन और हॉस्टल के निर्माण के लिए बजट का हिस्सा उपलब्ध कराना बताया गया है। सरकार ने 2026-27 के बजट में कम्युनिटी हॉल निर्माण के लिए कुल ₹136 करोड़ निर्धारित किए थे। इसके तहत अब तक के वितरण में 52 प्रतिशत राशि केवल तीन या चार समुदायों को ही जारी की गई है।
टी. नरसीपुर तालुक के लिए माडीवाला समुदाय के आठ संगठनों, यादव समुदाय के दो संगठनों, हेलवा समुदाय के एक संगठन, सविता समाज के एक संगठन और 13 कम्युनिटी हॉल के लिए ग्रांट दी गई है। इसके अलावा, कुरुबा समुदाय के 89 संगठनों को भी राशि जारी की गई। सूत्रों के अनुसार, गदग स्थित राकेश सिद्धारमैया ट्रस्ट को भी ₹50 लाख की ग्रांट दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम समुदायों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका समय और वितरण pattern राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले ऐसे बड़े फंड जारी करना राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
स्थानीय नेताओं और समुदायों ने इस घोषणा का स्वागत किया है। उनका कहना है कि कम्युनिटी भवन और हॉस्टल के निर्माण से शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के प्रशिक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ये भवन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वित्त विभाग ने बताया कि मंज़ूर की गई राशि का उपयोग केवल तय कार्यों के लिए किया जाएगा। कम्युनिटी हॉल के निर्माण और संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित संस्थाओं को नियमित रिपोर्टिंग की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, ट्रस्ट और संस्थाओं के संचालन में सरकारी मानक और नियम लागू होंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि फंड जारी करने का यह कदम कुशलतापूर्वक समुदायों की मदद तो करेगा, लेकिन इसके पीछे राजनीतिक दृष्टिकोण भी देखा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कुशलतापूर्वक सुनिश्चित किया कि उनके जाने से पहले कुछ समुदायों के विकास कार्यों को गति मिले।
समग्र रूप से, यह फंड वितरण योजना समुदायों के लिए शिक्षा, सामाजिक कार्यक्रम और विकास के अवसर प्रदान करेगी। वहीं, यह भी देखा जाएगा कि निर्माण कार्य और उपयोग की पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाती है।





