
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि LDF सरकार के तहत केरल दिवालिया होने की ओर बढ़ रहा है। यह बयान उन्होंने कासरगोड जिले के मंजेश्वरा विधानसभा क्षेत्र में UDF उम्मीदवार एकेएम अशरफ के लिए प्रचार करते हुए दिया।
इस अवसर पर उन्होंने कर्नाटक और केरल की आर्थिक स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि कर्नाटक में बेरोजगारी दर केवल 2.5 प्रतिशत है, जबकि केरल में यह बढ़कर 8 प्रतिशत हो गई है। वहीं महंगाई दर केरल में 8 प्रतिशत से अधिक पहुँच चुकी है, जो कर्नाटक के मुकाबले दोगुनी है।
सिद्धारमैया ने केरल के वित्तीय आंकड़ों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केरल का कर्ज-से-GDP अनुपात 35 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई सीमा 25 प्रतिशत है। इसके अलावा, फिस्कल डेफिसिट भी 3.5 प्रतिशत है, जो तय सीमा से अधिक है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति राज्य की वित्तीय स्थिरता और विकास के लिए गंभीर खतरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल में आर्थिक नीतियों की विफलता के कारण आम जनता पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि LDF सरकार ने गरीबों और मध्यम वर्ग के हितों की अनदेखी की है और राज्य की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
सिद्धारमैया ने अपने भाषण में कर्नाटक सरकार की योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने लोगों के हक की पांच गारंटी जैसी योजनाएँ लागू की हैं, जो सीधे आम जनता की जरूरतों को पूरा करती हैं। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि UDF के शासन में केरल में भी इस तरह की योजनाएँ लागू की जाएंगी, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग को लाभ मिल सके।
उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे UDF के उम्मीदवारों को चुनें ताकि राज्य में विकास और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके। सिद्धारमैया ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीबों और वंचितों के लिए खड़ी रही है और भविष्य में भी उनकी भलाई के लिए काम करेगी।
इस दौरान उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि UDF सरकार जनता के हक की नीतियों को लागू कर राज्य की आर्थिक मजबूती और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देगी। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अपनी आवाज़ उठाएं और ऐसे उम्मीदवारों को चुने जो विकास और पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध हों।
सिद्धारमैया का यह दौरा केरल में UDF की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। उनके द्वारा की गई आर्थिक तुलना और आरोप LDF सरकार के खिलाफ चुनावी माहौल को और गर्मा सकते हैं।





