
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने रविवार को अपने होमटाउन कनकपुरा का दौरा किया और जनता का धन्यवाद करते हुए BJP और JD(S) पार्टियों को चुनौती दी कि क्या वे इस जिले में उनके जैसी राजनीतिक छवि और प्रभाव वाला कोई नेता पैदा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “क्या BJP और JDS पार्टियां इस जिले में एक और डी.के. शिवकुमार पैदा कर सकती हैं? बिल्कुल नहीं। BJP और पार्टी कार्यकर्ताओं को यह साफ कर देना चाहिए।”
शिवकुमार ने अपने होमटाउन के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की और उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में भरोसे का सबसे बड़ा स्रोत आपकी अंतरात्मा है। उन्होंने पूर्व विरोधियों का उदाहरण देते हुए कहा, “PGR सिंधिया, विश्वनाथ, नारायण गौड़ा और यू.के. स्वामी चुनाव में मेरे खिलाफ खड़े थे। अब वे मेरे पक्ष में मेरे साथ खड़े हैं। क्या वे बेवकूफ हैं? दूसरा शिवकुमार नहीं आएगा। उन्होंने मुझसे हाथ मिलाया है ताकि लोगों का भला हो।”
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सामूहिक सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “अगर आपकी कोई दुश्मनी है, तो भूल जाइए। इस शहर का भला हो। मैं दूसरी पार्टियों के नेताओं को बताता हूं कि आइए हम सब मिलकर काम करें। हमारी ज़िंदगी हमेशा रहने वाली नहीं है। हम जो साक्षी पहाड़ियां पीछे छोड़ जाते हैं, वे हमेशा रहने वाली हैं।”
कनकपुरा दौरे के दौरान शिवकुमार ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और प्रशासनिक सुधारों तथा विकास योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनता की भलाई और क्षेत्र के विकास के लिए राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करना ज़रूरी है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि वे स्थानीय नेताओं और विरोधी पार्टियों के साथ मिलकर काम करने के पक्ष में हैं ताकि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
इस दौरे को राजनीतिक विश्लेषकों ने शिवकुमार की मजबूत छवि को और पुख्ता करने वाला कदम बताया। उनके इस बयान से पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में उत्साह देखने को मिला, जबकि विपक्षी दलों के लिए यह एक चुनौती भी बनी है। शिवकुमार का संदेश साफ है कि उनका राजनीतिक प्रभाव इस क्षेत्र में गहरा है और इसका कोई तुरंत विकल्प नहीं बन सकता।
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे व्यक्तिगत विवादों और राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर क्षेत्रीय विकास के लिए सहयोग करें। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक जीत नहीं बल्कि जनता के लिए स्थायी और सार्थक बदलाव लाना है।
शिवकुमार के इस दौरे और उनके बयानों से कनकपुरा में राजनीतिक गतिविधियों में नई ऊर्जा देखी गई है। उनके विचार और सामूहिक नेतृत्व पर जोर आने वाले समय में कर्नाटक की राजनीति में चर्चा का विषय बने रहेंगे।





