कर्नाटक

Ram मंदिर दान विवाद पर शिवकुमार की निष्पक्ष जांच की मांग

Kavita2
29 Jun 2026 2:49 PM IST
Ram मंदिर दान विवाद पर शिवकुमार की निष्पक्ष जांच की मांग
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Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए भक्तों द्वारा दिए गए दान के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर चिंता व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष, व्यापक और बिना किसी भेदभाव के जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि दान के उपयोग को लेकर लगाए गए आरोपों में सच्चाई है, तो इसकी पूरी जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

सोमवार को जारी अपने बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर देश के करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने अपनी इच्छा और विश्वास के साथ आर्थिक सहयोग दिया था। उन्होंने कहा कि मंदिर के लिए दिया गया प्रत्येक दान केवल आर्थिक योगदान नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है।

डी.के. शिवकुमार ने कहा कि यदि इस विश्वास के साथ किसी भी प्रकार का समझौता किया जाता है या दान का दुरुपयोग होता है, तो यह केवल दानदाताओं के साथ अन्याय नहीं होगा, बल्कि उन नैतिक मूल्यों के भी विपरीत होगा जिनका पालन धार्मिक संस्थाओं से अपेक्षित होता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि मंदिरों और जनता से प्राप्त दान के उपयोग से जुड़े सभी मामलों में उच्च स्तर की पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना था कि धार्मिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास तभी कायम रह सकता है जब उनके संचालन और वित्तीय प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता हो।

उन्होंने मांग की कि मामले की जांच किसी भी प्रकार के राजनीतिक या अन्य प्रभाव से मुक्त होकर निष्पक्ष तरीके से की जाए। जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने कहा कि कानून के समक्ष सभी समान हैं और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके पद, प्रभाव या पहचान की परवाह किए बिना उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सभी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई से ही लोगों का भरोसा कायम रखा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक आस्था का उपयोग किसी भी प्रकार के निजी लाभ या अनुचित उद्देश्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

डी.के. शिवकुमार का यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर के लिए प्राप्त दान के कथित दुरुपयोग को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा चल रही है। इस मामले में कुछ पक्षों द्वारा जांच की मांग की गई है, जबकि संबंधित आरोपों पर कानूनी प्रक्रिया भी चर्चा में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े मामलों में यह जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आते हैं, तो उन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि देश की धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए वित्तीय प्रबंधन में जवाबदेही आवश्यक है। इससे न केवल संस्थाओं की विश्वसनीयता बनी रहती है, बल्कि लोगों का विश्वास भी मजबूत होता है।

फिलहाल इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, संबंधित आरोपों को लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने दोहराया कि निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई ही इस मामले में उचित समाधान का मार्ग है तथा इससे श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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