
बेंगलुरु : बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने मेट्रो किराए में नियमित बढ़ोतरी का नया प्रस्ताव केंद्र सरकार के सामने रखा है। इस प्रस्ताव के तहत हर तीन साल में मेट्रो किराए में 12 प्रतिशत तक की वृद्धि करने का मॉडल सुझाया गया है।
BMRCL ने केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को सौंपी गई संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में किराया संशोधन के लिए नए मॉडल का उल्लेख किया है। यह प्रस्ताव नम्मा मेट्रो के प्रस्तावित फेज-3 ‘A’ सरजापुर-हेब्बल कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है।
हर तीन साल में किराया बढ़ाने का मॉडल
BMRCL ने केंद्र सरकार के सामने मेट्रो किराया बढ़ाने के लिए कई विकल्प रखे हैं। इनमें हर दो से तीन साल में किराए की समीक्षा करने का सुझाव शामिल है।
सबसे प्रमुख मॉडल में हर तीन साल में 12 प्रतिशत किराया वृद्धि का प्रस्ताव है। BMRCL का कहना है कि नियमित अंतराल पर किराया संशोधन से मेट्रो परियोजनाओं की वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
2033 तक वित्तीय संतुलन बनाए रखने की कोशिश
सरजापुर-हेब्बल मेट्रो लाइन परियोजना के पूरा होने का लक्ष्य वर्ष 2033 रखा गया है। BMRCL का उद्देश्य इस परियोजना की आर्थिक आंतरिक राजस्व दर (Economic Internal Rate of Return) को बनाए रखना है।
मेट्रो परियोजनाओं में निर्माण लागत, संचालन खर्च, रखरखाव और कर्मचारियों से जुड़े खर्च लगातार बढ़ते रहते हैं। ऐसे में BMRCL का मानना है कि किराया व्यवस्था में समय-समय पर बदलाव जरूरी है।
किराया बढ़ोतरी के पीछे बताई गई वजहें
BMRCL के अनुसार, मेट्रो संचालन को लंबे समय तक आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए आय और खर्च के बीच संतुलन जरूरी है।
मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ नए रूट, स्टेशन, तकनीकी सुविधाएं और रखरखाव की लागत भी बढ़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए किराया बढ़ोतरी के मॉडल तैयार किए गए हैं।
यात्रियों पर पड़ सकता है असर
यदि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो भविष्य में नम्मा मेट्रो यात्रियों को बढ़े हुए किराए का सामना करना पड़ सकता है।
बेंगलुरु में बड़ी संख्या में लोग रोजाना मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं। आईटी कर्मचारियों, छात्रों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए किराए में वृद्धि का सीधा असर उनके मासिक खर्च पर पड़ सकता है।
फेज-3 ‘A’ परियोजना पर फोकस
BMRCL ने यह प्रस्ताव नम्मा मेट्रो फेज-3 ‘A’ सरजापुर-हेब्बल कॉरिडोर की संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के तहत दिया है।
यह परियोजना बेंगलुरु के बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक और सार्वजनिक परिवहन की मांग को देखते हुए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।
पहले भी बढ़ चुके हैं किराए
बेंगलुरु मेट्रो में पहले भी किराया संशोधन किया जा चुका है। संचालन लागत और विस्तार परियोजनाओं के खर्च को देखते हुए समय-समय पर किराए में बदलाव की जरूरत बताई जाती रही है।
हालांकि, यात्रियों की ओर से अक्सर किराया बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई जाती है। यात्रियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन को आम लोगों की पहुंच में बनाए रखना जरूरी है।
केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार
फिलहाल BMRCL के प्रस्ताव पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों की मंजूरी के बाद होगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही किराया बढ़ोतरी की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
BMRCL ने किराया संशोधन के लिए अलग-अलग मॉडल पेश किए हैं, जिनमें अंतराल और वृद्धि की दर को लेकर विकल्प दिए गए हैं।





