कर्नाटक

45 हजार सैलरी फिर भी सिर्फ 5 स्थानीय चयनित

Kavita2
31 Aug 2026 10:24 AM IST
45 हजार सैलरी फिर भी सिर्फ 5 स्थानीय चयनित
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कर्नाटक : तटीय जिलों दक्षिण कन्नड़ और उडुपी में सरकारी नौकरी को लेकर एक अलग तस्वीर सामने आई है। मैंगलोर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (MESCOM) में अच्छी शुरुआती सैलरी और भत्तों के बावजूद स्थानीय युवा जूनियर पावरमैन यानी लाइनमैन पदों के लिए बड़ी संख्या में आगे नहीं आ रहे हैं।

हाल ही में हुई जूनियर पावरमैन भर्ती में चयनित 395 उम्मीदवारों में से दक्षिण कन्नड़ और उडुपी क्षेत्र के केवल पांच युवाओं का चयन हुआ है। यह आंकड़ा बिजली वितरण व्यवस्था में फील्ड स्तर के महत्वपूर्ण पदों पर स्थानीय भागीदारी की कमी को दर्शाता है।

स्थानीय उम्मीदवारों की कम भागीदारी चिंता का विषय

MESCOM को इस बार उम्मीद थी कि तटीय इलाकों से बड़ी संख्या में उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया में शामिल होंगे। इसकी वजह यह थी कि कंपनी में काम करने वाले बड़ी संख्या में पावरमैन उत्तरी कर्नाटक के क्षेत्रों से आते हैं।

कंपनी को उम्मीद थी कि नई भर्ती में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर कर्मचारियों की उपलब्धता बेहतर होगी। लेकिन परिणाम उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे।

भर्ती में चुने गए 395 उम्मीदवारों में से केवल पांच स्थानीय उम्मीदवारों का चयन होना अधिकारियों और जानकारों के लिए चर्चा का विषय बन गया है।

करीब 45 हजार रुपये शुरुआती वेतन

जूनियर पावरमैन पद को लेकर युवाओं के बीच रुचि कम होने की एक वजह को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, इस पद पर शुरुआती वेतन और भत्ते आकर्षक हैं। जानकारी के अनुसार, चयनित उम्मीदवारों को लगभग 45,000 रुपये प्रति माह की शुरुआती सैलरी और अन्य सुविधाएं मिलती हैं।

इसके बावजूद स्थानीय युवाओं का इस नौकरी की ओर कम रुझान कई सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी कौशल, शारीरिक मेहनत और फील्ड में काम करने की प्रकृति के कारण युवा इस पद से दूरी बना सकते हैं।

उत्तरी कर्नाटक से आते हैं ज्यादातर पावरमैन

MESCOM में लंबे समय से बड़ी संख्या में पावरमैन उत्तरी कर्नाटक के जिलों से कार्यरत हैं। इनमें से कई कर्मचारियों का चयन पहले की भर्तियों के माध्यम से हुआ था।

वहीं, हुबली इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (HESCOM) और गुलबर्गा इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (GESCOM) में ट्रांसफर किए गए सैकड़ों पावरमैन पिछले करीब दो वर्षों से अपने ट्रांसफर से रिलीव होने का इंतजार कर रहे हैं।

इस स्थिति के कारण MESCOM में कर्मचारियों के स्थानांतरण और तैनाती को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।

SSLC अंकों के आधार पर हुई भर्ती

इस बार जूनियर पावरमैन भर्ती प्रक्रिया SSLC यानी 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर की गई थी। अलग-अलग श्रेणियों के लिए कटऑफ अंक काफी ऊंचे रहे।

सामान्य और अन्य श्रेणियों में कटऑफ 91.2 प्रतिशत से लेकर 96.64 प्रतिशत तक रहा। इससे साफ है कि सामान्य वर्ग और कई आरक्षित श्रेणियों में चयन के लिए उम्मीदवारों को काफी अच्छे अंक हासिल करने पड़े।

वहीं, पूर्व सैनिक श्रेणी में कटऑफ अपेक्षाकृत कम रहा, जो 38 प्रतिशत से 41.2 प्रतिशत के बीच था।

बिजली व्यवस्था में लाइनमैन की अहम भूमिका

जूनियर पावरमैन यानी लाइनमैन बिजली वितरण व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। बिजली लाइन की मरम्मत, फॉल्ट ठीक करना, नए कनेक्शन से जुड़े काम और आपात स्थिति में बिजली बहाल करने जैसी जिम्मेदारियां इनके कंधों पर होती हैं।

ऐसे में किसी भी क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित और स्थानीय कर्मचारियों की मौजूदगी बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करती है।

स्थानीय युवाओं को आकर्षित करने की जरूरत

जानकारों का मानना है कि MESCOM और राज्य सरकार को स्थानीय युवाओं को इन पदों के लिए प्रोत्साहित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

अगर स्थानीय युवा इन नौकरियों में अधिक संख्या में शामिल होते हैं तो न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बिजली सेवाओं को भी स्थानीय स्तर पर बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

फिलहाल, जूनियर पावरमैन भर्ती के आंकड़ों ने MESCOM में स्थानीय युवाओं की कम भागीदारी को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। अच्छी सैलरी और स्थायी सरकारी नौकरी के बावजूद युवाओं की कम रुचि कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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