
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने बुधवार सुबह से ‘सेफ फुटपाथ कैंपेन’ के तहत शहरभर में फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत शहर के प्रमुख व्यस्त इलाकों में अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
यह अभियान कर्नाटक सरकार के निर्देशों के बाद शुरू किया गया है। 29 जून को राज्य के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाले पांच शहरी निगमों में फुटपाथों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जाए और विशेष अभियान चलाया जाए। इसी निर्देश के अनुपालन में यह कार्रवाई शुरू की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य शहर में पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित और बाधारहित रास्ते उपलब्ध कराना है। लंबे समय से कई प्रमुख सड़कों पर फुटपाथों पर अवैध कब्जे और अस्थायी संरचनाओं के कारण लोगों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था।
इस विशेष अभियान के तहत शहर के कई महत्वपूर्ण मार्गों को प्राथमिकता दी गई है। इनमें ट्रिनिटी जंक्शन से एमजी रोड पार्क तक का क्षेत्र, 100 फीट इंदिरानगर रोड से डोम्लूर फ्लाईओवर तक का हिस्सा, विवेकानंद मेट्रो स्टेशन से बेनिगनहल्ली रेलवे ब्रिज तक का क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा अशोक स्तंभ से माधवन पार्क तक, जयनगर में 8वीं और 9वीं मेन रोड (कनकपाल्या रोड से 15वें क्रॉस तक) और आरवी रोड पर टीचर्स कॉलेज से साउथ एंड सर्कल तक के इलाकों में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान फुटपाथों पर बने अस्थायी ढांचे, अवैध दुकानें, होर्डिंग्स और अन्य बाधाओं को हटाया जा रहा है। साथ ही संबंधित व्यापारियों और स्थानीय लोगों को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि वे स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और पैदल यात्रियों को राहत प्रदान करना है। बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते महानगर में फुटपाथों का सही उपयोग बेहद जरूरी है, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था और पैदल यातायात दोनों में सुधार हो सके।
इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ लोगों ने इसे शहर के लिए जरूरी कदम बताया है, जबकि कुछ छोटे व्यापारियों ने अपने रोजगार पर असर पड़ने की आशंका जताई है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल अवैध अतिक्रमण के खिलाफ है और व्यवस्थित पुनर्वास पर भी विचार किया जाएगा।
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने पहले ही कहा था कि फुटपाथ जनता के उपयोग के लिए होते हैं, न कि निजी कब्जे या व्यावसायिक गतिविधियों के लिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि किसी भी स्थिति में फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और अभियान में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
GBA के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा और शहर के अन्य हिस्सों में भी जल्द ही इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नियमित निगरानी व्यवस्था भी स्थापित की जाएगी ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेंगलुरु जैसे शहरों में फुटपाथ अतिक्रमण एक बड़ी समस्या बन चुका है, जो न केवल ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित करता है बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करता है। ऐसे में यह अभियान शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी को नियमों का पालन करना जरूरी है। आने वाले दिनों में इस अभियान के प्रभाव का आकलन किया जाएगा और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।





