कर्नाटक

कर्नाटक में शांति भंग हुई तो RSS पर लगेगा बैन: प्रियांक खड़गे

SHIDDHANT
21 Oct 2025 12:17 AM IST
कर्नाटक में शांति भंग हुई तो RSS पर लगेगा बैन: प्रियांक खड़गे
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Bengaluru बेंगलुरु। कर्नाटक के कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने चेतावनी दी है कि अगर राज्य में किसी भी प्रकार की शांति भंग की घटनाएं होती हैं, तो कांग्रेस सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी समूह द्वारा हिंसा या तनाव फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खड़गे ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब कर्नाटक में राजनीतिक और सामाजिक संवेदनशीलता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा कानून और संविधान के दायरे में रहकर कार्य करती है, और राज्य में किसी भी साम्प्रदायिक तनाव को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने आगे कहा, “अगर राज्य में किसी भी समुदाय के बीच हिंसा या तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है और इसके लिए किसी संगठन या समूह को जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो सरकार उस संगठन पर प्रतिबंध लगाने में पीछे नहीं हटेगी।” खड़गे ने यह भी जोर दिया कि जनता की सुरक्षा और शांति बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांग्रेस नेता ने RSS और अन्य संगठनों पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि यदि किसी भी समूह की गतिविधियों से साम्प्रदायिक या धार्मिक तनाव बढ़ता है, तो राज्य सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी समूह या संगठन को इसके उल्लंघन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रियांक खड़गे का यह बयान आगामी स्थानीय चुनावों और चुनावी रणनीतियों को लेकर भी एक संदेश है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए हमेशा तत्पर रहती है और किसी भी राजनीतिक संगठन को इसका फायदा उठाने की अनुमति नहीं देगी। खड़गे ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कर्नाटक में सभी समुदायों के बीच सौहार्द कायम रहे। इसके लिए अगर आवश्यक हुआ तो कठोर कदम उठाने में कोई हिचक नहीं होगी।

इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों और संगठनों ने खड़गे के बयान की आलोचना भी की है। विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान राजनीतिक दबाव और चुनावी रणनीति के तहत दिया गया प्रतीत होता है, ताकि राज्य में सुरक्षा और साम्प्रदायिक शांति को लेकर जनता का ध्यान खींचा जा सके। प्रियांक खड़गे का यह बयान इस बात को भी रेखांकित करता है कि कर्नाटक सरकार किसी भी समूह या संगठन की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और राज्य में किसी भी तरह की हिंसा या तनाव की स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। कुल मिलाकर, प्रियांक खड़गे का बयान स्पष्ट रूप से कानून और शांति बनाए रखने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह संकेत देता है कि किसी भी तरह की शांति भंग की स्थिति पर RSS और अन्य संगठनों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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