
Karnataka कर्नाटक: शहर में बढ़ते तापमान के कारण डिहाइड्रेशन के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, पानी की कमी और बदलती जीवनशैली की वजह से यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI), किडनी स्टोन और प्रोस्टेटाइटिस जैसे रोगों में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म मौसम, कम पानी पीने की आदत, लंबे समय तक काम का दबाव और सुस्त जीवनशैली इन बीमारियों के प्रमुख कारण बन रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, गर्मियों में UTI के मामले सामान्य मौसम की तुलना में लगभग दोगुने तक बढ़ जाते हैं।
एस्टर आरवी हॉस्पिटल की गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. गायत्री कार्तिक नागेश ने बताया कि हर साल गर्मी का असर और अधिक तेज महसूस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि काम के दबाव के कारण लोग पर्याप्त पानी नहीं पी पाते, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार, यात्रा के दौरान या काम के बीच पेशाब रोकना और अस्वच्छ सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करना भी संक्रमण के खतरे को बढ़ाता है। विशेष रूप से महिलाओं में UTI के मामले अधिक देखने को मिलते हैं, क्योंकि उनका यूरिनरी ट्रैक्ट अपेक्षाकृत छोटा होता है, जिससे संक्रमण जल्दी फैल सकता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि कामकाजी महिलाएं, खासकर सेल्स और फील्ड वर्क में लगी महिलाएं, इस समस्या से अधिक प्रभावित होती हैं। लगातार बाहर रहने और समय पर पानी न पीने की वजह से उनमें संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
इसी तरह, डॉक्टरों ने 20 से 35 वर्ष की आयु के पुरुषों में किडनी स्टोन और प्रोस्टेटाइटिस के मामलों में भी बढ़ोतरी की जानकारी दी है। कम पानी पीना और शरीर में लंबे समय तक डिहाइड्रेशन बने रहना इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, साफ-सफाई का ध्यान रखें और लंबे समय तक यूरिन रोकने से बचें। साथ ही, शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की भी सलाह दी गई है।
फिलहाल, बढ़ती गर्मी के बीच यह स्वास्थ्य समस्या चिंता का विषय बनती जा रही है और विशेषज्ञ इसे रोकने के लिए जागरूकता को सबसे जरूरी कदम बता रहे हैं।





