कर्नाटक

BBMP क्षेत्र में आने वाली भूमि पर राजस्व अधिकारियों का अधिकार नहीं, KLR एक्ट की सीमा तय

Kavita2
2 May 2026 11:44 AM IST
BBMP क्षेत्र में आने वाली भूमि पर राजस्व अधिकारियों का अधिकार नहीं, KLR एक्ट की सीमा तय
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि कोई भूमि, भले ही वह कृषि भूमि हो, बृहत् बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) या अब ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अधिकार क्षेत्र में आती है, तो उस पर कर्नाटक भूमि राजस्व (KLR) अधिनियम के तहत राजस्व अधिकारियों को कोई शिकायत सुनने या आदेश पारित करने का अधिकार नहीं है।

यह निर्णय जस्टिस डी.के. सिंह और टी.एम. नदाफ की खंडपीठ ने रिट अपीलों के एक समूह पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में अधिकार क्षेत्र केवल नगर निकायों के पास रहेगा, न कि राजस्व विभाग के अधिकारियों के पास।

यह मामला 2014 में येलहंका तहसीलदार द्वारा KLR अधिनियम की धारा 192A के तहत जारी किए गए नोटिस से जुड़ा था, जिसमें भू-स्वामियों को उनकी जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया था। आरोप था कि इन जमीनों का उपयोग अवैध रूप से गैर-कृषि गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। 2024 में एकल पीठ ने इन नोटिसों को लागू करने का आदेश दिया था और साथ ही अपीलकर्ताओं को सिविल कोर्ट में अपना दावा प्रस्तुत करने की अनुमति दी थी।

अपील की सुनवाई के दौरान BBMP ने तर्क दिया कि संबंधित केंचेनहल्ली गांव 16 जनवरी 2007 की सरकारी अधिसूचना के तहत उसके अधिकार क्षेत्र में आ चुका है। अदालत को यह भी बताया गया कि वहां 2017-18 में निर्माण कार्य किए गए थे।

खंडपीठ ने पाया कि 2007 की अधिसूचना के बाद उक्त भूमि BBMP (अब GBA) के अधिकार क्षेत्र में आ गई थी, इसलिए वह KLR अधिनियम के दायरे से बाहर हो जाती है। अदालत ने यह भी माना कि संयुक्त आयुक्त के हलफनामे के अनुसार BBMP/GBA को ग्रेटर बेंगलुरु शासन अधिनियम के तहत अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है, जिसमें नोटिस जारी करना और अवैध निर्माणों को हटाना शामिल है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी संपत्ति पर BBMP या GBA द्वारा ‘खाता’ जारी कर दिया गया है, तो उस स्थिति में राजस्व अधिकारियों का अधिकार क्षेत्र समाप्त हो जाता है और वे KLR अधिनियम के तहत कोई कार्रवाई नहीं कर सकते।

खंडपीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में अब कार्रवाई का अधिकार केवल BBMP/GBA के पास है और वह ही अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कानूनी कदम उठा सकता है।

इस फैसले को बेंगलुरु में भूमि अधिकार और शहरी प्रशासन से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी दिशा-निर्देश माना जा रहा है।

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