
Karnataka कर्नाटक: एक रेजिडेंशियल स्कूल में कक्षा 6 के 13 वर्षीय छात्र गुरुकिरन आर की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में छात्र की मौत का कारण दिल से जुड़ी समस्या होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए डॉक्टर अब हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
मामला कड्यारप्पनहल्ली स्थित स्टर्लिंग इंग्लिश रेजिडेंशियल स्कूल का है, जहां गुरुकिरन आर छठी कक्षा में पढ़ता था। छात्र येलहंका क्षेत्र का रहने वाला था। उसकी अचानक हुई मौत के बाद स्कूल प्रशासन, पुलिस और परिवार के बीच कई सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्र की तबीयत पहले से खराब थी। घटना से पहले उसे लूज मोशन (दस्त) की समस्या भी थी। पुलिस का कहना है कि बुधवार सुबह स्कूल के मैदान में दौड़ने के बाद उसकी हालत बिगड़ी हो सकती है और किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के कारण उसकी मौत हुई होगी।
जांच में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेडिकल विशेषज्ञ अभी मौत के सही कारण की पुष्टि करने में जुटे हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र की मौत किस वजह से हुई।
हालांकि, मृतक छात्र के माता-पिता ने इस मामले में अलग दावा किया है। उनका आरोप है कि उनके बेटे की मौत स्कूल के फिजिकल एजुकेशन (PT) शिक्षक की कथित मारपीट के कारण हुई। परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि उन्हें स्कूल में हुई घटना को लेकर गंभीर संदेह है। उनका आरोप है कि उनके बेटे के साथ स्कूल में अनुचित व्यवहार किया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और स्कूल स्टाफ, छात्रों तथा अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कुछ सहपाठियों ने कथित तौर पर बताया कि PT शिक्षक नारायण ने छात्र गुरुकिरन के साथ उसकी मौत से दो दिन पहले मारपीट की थी। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि इन आरोपों की पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही होगी।
जांच एजेंसियां अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। इसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्र की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी, क्या उसके साथ किसी तरह की शारीरिक प्रताड़ना हुई थी या फिर उसकी मौत किसी प्राकृतिक स्वास्थ्य समस्या के कारण हुई।
पुलिस ने स्कूल परिसर की गतिविधियों और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। स्कूल प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले सभी सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्र की मौत के बाद स्कूल में पढ़ने वाले अन्य छात्रों और उनके अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। अभिभावक स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की अचानक मौत के मामलों में मेडिकल जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। कई बार बाहरी रूप से कोई चोट या समस्या नजर नहीं आती, लेकिन अंदरूनी स्वास्थ्य कारणों से गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी रिपोर्टों का इंतजार करना जरूरी होता है।
फिलहाल पुलिस दो अलग-अलग संभावनाओं पर जांच आगे बढ़ा रही है। एक तरफ मेडिकल रिपोर्ट में सामने आई दिल से जुड़ी समस्या की संभावना है, वहीं दूसरी तरफ परिवार द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
गुरुकिरन आर की मौत ने रेजिडेंशियल स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस शुरू कर दी है। अब सभी की नजर हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट पर है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि छात्र की मौत की वास्तविक वजह क्या थी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और अगर किसी भी व्यक्ति की लापरवाही या भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।





