
बेंगलुरु। जयनगर विधानसभा क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर पार्किंग की समस्या और बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में आधुनिक पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के लिए बैंगलोर साउथ सिटी कॉरपोरेशन (BSCC) ने M. Parklens India Private Limited के साथ पांच साल का सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) समझौता किया है। इसके तहत जयनगर की प्रमुख व्यावसायिक सड़कों पर AI आधारित स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
इस दिशा में BSCC ने शुक्रवार को Parklens India Private Limited के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। अधिकारियों के मुताबिक, नई व्यवस्था का उद्देश्य सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग को नियंत्रित करना, उपलब्ध पार्किंग स्थानों का बेहतर इस्तेमाल करना और यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाना है।
42 प्रमुख सड़कों का चयन
BSCC के कमिश्नर K.N. रमेश ने बताया कि जयनगर विधानसभा क्षेत्र में कुल 1,215 सड़कें हैं, जिनकी संयुक्त लंबाई करीब 281 किलोमीटर है। क्षेत्र में पार्किंग की स्थिति का विस्तृत अध्ययन करने के बाद स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था के लिए 42 प्रमुख व्यावसायिक सड़कों की पहचान की गई है।
इन 42 सड़कों की कुल लंबाई लगभग 31.65 किलोमीटर है। इन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है और बाजार तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने के कारण पार्किंग की मांग भी ज्यादा रहती है।
अधिकारियों के अनुसार, चयनित सड़कों पर स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था लागू करने से पहले ट्रैफिक पुलिस से आवश्यक मंजूरी ली गई है। इसके बाद पार्किंग जोन विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
4,749 पार्किंग जोन बनाए जाएंगे
नई योजना के तहत चयनित 42 सड़कों पर कुल 4,749 पार्किंग जोन बनाए जाएंगे। इनमें करीब 3,800 जोन दोपहिया वाहनों के लिए निर्धारित होंगे, जबकि 900 से अधिक जोन कारों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
पार्किंग स्थानों का अलग-अलग श्रेणियों में निर्धारण किए जाने से वाहनों को सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ा करने की समस्या कम होने की उम्मीद है। इससे सड़कों पर उपलब्ध जगह का अधिक व्यवस्थित तरीके से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
विशेष रूप से व्यावसायिक क्षेत्रों में वाहन चालक अक्सर सड़क के किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और पीक ऑवर में जाम की स्थिति पैदा होती है। स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था इस समस्या को कम करने में मदद कर सकती है।
AI तकनीक से होगी निगरानी
प्रस्तावित व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य पार्किंग स्थानों की उपलब्धता और इस्तेमाल को बेहतर तरीके से प्रबंधित करना है।
स्मार्ट सिस्टम के माध्यम से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसी स्थान पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। इससे वाहन चालकों को पार्किंग की तलाश में एक ही इलाके में बार-बार घूमने की जरूरत कम हो सकती है।
पार्किंग व्यवस्था के डिजिटल प्रबंधन से नगर निकाय को भी उपलब्ध स्थानों की निगरानी और प्रबंधन में सुविधा मिलेगी। इससे भविष्य में पार्किंग से जुड़े आंकड़ों के आधार पर यातायात और शहरी नियोजन के फैसले लेने में मदद मिल सकती है।
पांच साल का PPP समझौता
BSCC और Parklens India Private Limited के बीच यह समझौता पांच साल के लिए किया गया है। PPP मॉडल के तहत निजी कंपनी स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था से संबंधित तकनीक और संचालन में भूमिका निभाएगी, जबकि नगर निकाय योजना के क्रियान्वयन और नियामकीय पहलुओं की निगरानी करेगा।
इस तरह की व्यवस्था का उद्देश्य आधुनिक तकनीक को शहरी यातायात प्रबंधन से जोड़ना है। बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते शहर में पार्किंग की बढ़ती मांग को देखते हुए डिजिटल और स्मार्ट समाधान की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है।
ट्रैफिक जाम पर भी पड़ेगा असर
जयनगर की कई प्रमुख सड़कों पर व्यावसायिक गतिविधियां अधिक होने के कारण दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। पार्किंग की जगह नहीं मिलने पर वाहन चालक सड़क के किनारे या प्रतिबंधित स्थानों पर वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे यातायात की गति प्रभावित होती है।
कई बार एक वाहन के गलत तरीके से पार्क होने के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा प्रभावित होता है और धीरे-धीरे जाम की स्थिति बन जाती है। स्मार्ट पार्किंग सिस्टम के जरिए पार्किंग को निर्धारित स्थानों तक सीमित करने से सड़क पर वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग कम होने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों को फायदा
स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था लागू होने के बाद स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और बाजार में आने वाले ग्राहकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। निर्धारित पार्किंग जोन उपलब्ध होने से वाहन चालकों को अपने वाहन खड़े करने के लिए अधिक स्पष्ट व्यवस्था मिल सकेगी।
व्यापारिक क्षेत्रों में ग्राहकों के लिए पार्किंग की उपलब्धता कारोबार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होती है। यदि पार्किंग व्यवस्था बेहतर होती है तो लोगों को बाजारों तक पहुंचने में सुविधा हो सकती है और सड़क किनारे होने वाली अव्यवस्थित पार्किंग में कमी आ सकती है।
यातायात प्रबंधन को मिलेगा डिजिटल आधार
BSCC के अधिकारियों के मुताबिक, स्मार्ट पार्किंग केवल वाहन खड़ा करने की व्यवस्था तक सीमित नहीं होगी। AI आधारित तकनीक के इस्तेमाल से पार्किंग और यातायात से संबंधित डेटा जुटाने में भी मदद मिल सकती है।
भविष्य में इस डेटा का इस्तेमाल यह समझने के लिए किया जा सकता है कि किन इलाकों में पार्किंग की मांग सबसे अधिक है, किस समय दबाव बढ़ता है और किन सड़कों पर यातायात ज्यादा प्रभावित होता है। इससे नगर निकाय को भविष्य की पार्किंग और यातायात योजनाएं तैयार करने में सहायता मिलेगी।
जयनगर की 42 प्रमुख सड़कों पर 4,749 पार्किंग जोन विकसित करने की योजना को क्षेत्र में पार्किंग प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है तो इससे न केवल वाहन चालकों को पार्किंग सुविधा मिल सकती है, बल्कि सड़क पर अव्यवस्थित पार्किंग कम होने से ट्रैफिक जाम की समस्या को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।





