
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने राज्य में खाली पड़े सरकारी पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। राज्य मंत्री प्रियांक खड़गे ने शनिवार को जानकारी दी कि सरकार राज्य के विभिन्न विभागों में खाली पड़े करीब 74,000 पदों को भरने की दिशा में कदम उठा रही है। इनमें से 36,774 पदों को अगले छह महीनों के भीतर भरने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में भर्ती प्रक्रिया को लेकर चर्चा की गई। बैठक में प्रियांक खड़गे सहित कई कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को तेजी से और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
जल्द शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया
प्रियांक खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य सरकार रविवार से 74,000 रिक्त सरकारी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 36,774 पदों को छह महीने के भीतर भरने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से खाली पड़े सरकारी पदों को भरना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी दूर होगी और प्रशासनिक कामकाज को बेहतर तरीके से चलाने में मदद मिलेगी।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
प्रियांक खड़गे ने कहा कि हाल में कुछ परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए सरकार नई व्यवस्था लागू करेगी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जाएगा।
रैंडम क्वेश्चन बैंक सिस्टम होगा लागू
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार रैंडम क्वेश्चन बैंक सिस्टम तैयार करने जा रही है। इसके तहत प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाया जाएगा।
प्रियांक खड़गे ने कहा कि सरकार टैम्पर-प्रूफ प्रश्न पत्र तैयार करने की व्यवस्था लागू करेगी, ताकि परीक्षा से पहले प्रश्न पत्रों में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके।
उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके लिए हर कमरे में जैमर लगाने की योजना बनाई गई है, जिससे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अनुचित गतिविधियों को रोका जा सके।
NEET जैसी गड़बड़ी दोहराने से बचने की तैयारी
प्रियांक खड़गे ने कहा कि अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि भर्ती परीक्षाओं में NEET परीक्षा के दौरान सामने आई गड़बड़ियों जैसी स्थिति न बने।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर सुधार किए जाएंगे, ताकि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा और परीक्षा संचालन से जुड़े हर स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
युवाओं को रोजगार देने पर सरकार का फोकस
कर्नाटक में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी करते हैं। लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की मांग भी उठती रही है।
सरकार के इस फैसले से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। विभिन्न सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा था, जिसे भर्ती के जरिए दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
विभागों से मांगी जाएगी रिक्त पदों की जानकारी
सूत्रों के अनुसार, सरकार सभी विभागों से खाली पदों की विस्तृत जानकारी जुटाकर भर्ती प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाएगी।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि भर्ती में देरी न हो और निर्धारित समय सीमा के भीतर नियुक्तियां पूरी की जाएं।
सरकार ने तय की समय सीमा
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। सरकार ने छह महीने के भीतर बड़ी संख्या में नियुक्तियां करने का लक्ष्य तय किया है।
प्रियांक खड़गे ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और सरकारी सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।





