कर्नाटक

Sringeri सीट पर पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती शुरू, आंकड़ों ने बढ़ाई हलचल

Harrison
3 May 2026 7:53 PM IST
Sringeri  सीट पर पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती शुरू, आंकड़ों ने बढ़ाई हलचल
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के बेंगलुरु में श्रृंगेरी विधानसभा सीट से जुड़े पोस्टल बैलेट की दोबारा जांच और गिनती शनिवार से शुरू हो गई। यह प्रक्रिया Karnataka High Court के आदेश के बाद शुरू की गई है, जिसमें चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पुनर्गणना का निर्देश दिया था।
यह मामला वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है, जिसमें हारने वाले उम्मीदवार D. N. Jeevaraj ने विजेता T. D. Rajegowda के चुनाव को अदालत में चुनौती दी थी। जीवराज ने अपनी याचिका में पोस्टल बैलेट की गिनती पर सवाल उठाए थे और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए कुछ दिन पहले पोस्टल बैलेट की दोबारा जांच और गिनती का आदेश दिया।
चुनाव अधिकारी गौरव कुमार शेट्टी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि दोबारा गिनती के दौरान सामने आए शुरुआती आंकड़े ध्यान खींचने वाले हैं। उनके अनुसार, पोस्टल बैलेट की गिनती में कांग्रेस उम्मीदवार टी.डी. राजेगौड़ा को 569 वोट मिले थे, जबकि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डी.एन. जीवराज को 692 पोस्टल बैलेट प्राप्त हुए थे। इस अंतर ने चुनाव परिणाम को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
मई 2023 में हुए विधानसभा चुनाव
के अंतिम नतीजों पर नजर डालें तो कांग्रेस उम्मीदवार टी.डी. राजेगौड़ा को कुल 59,171 वोट मिले थे, जबकि डी.एन. जीवराज को 58,970 वोट प्राप्त हुए थे। इस तरह दोनों उम्मीदवारों के बीच मात्र 201 वोटों का अंतर था, जो बेहद कम माना जाता है। इसी करीबी मुकाबले के कारण पोस्टल बैलेट की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि जब जीत-हार का अंतर बहुत कम होता है, तब पोस्टल बैलेट की गिनती निर्णायक साबित हो सकती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनदेखी चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकती है, इसलिए अदालत द्वारा पुनर्गणना का आदेश देना प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दोबारा गिनती की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों की निगरानी में पोस्टल बैलेट को दोबारा जांचा जा रहा है और प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों के प्रतिनिधियों को भी मौजूद रहने की अनुमति दी गई है, ताकि किसी भी तरह के विवाद से बचा जा सके।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह मामला अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल एक विधानसभा सीट का परिणाम प्रभावित हो सकता है, बल्कि यह चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। दोनों प्रमुख दल इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और आगे आने वाले परिणामों का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल दोबारा गिनती की प्रक्रिया जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि चुनाव परिणाम में कोई बदलाव होता है या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
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