
Karnataka कर्नाटक : शिक्षा के मंदिर माने जाने वाले स्कूलों के कमरों और स्कूल परिसर को साफ-सुथरा रखने और बच्चों को अक्षर ज्ञान देने तथा जीवन की राह दिखाने की जिम्मेदारी किसकी है? शिक्षकों की, बच्चों की? स्कूल विकास एवं पर्यवेक्षण समिति की?
यह सवाल आम जनता और शिक्षकों की ओर से पूछा जा रहा है। जिला पंचायत सीईओ अनमोल जैन ने 6 जून की सुबह शहर के तुरुपालया स्थित सरकारी लोअर प्राइमरी स्कूल का दौरा किया तो वहां शिक्षक गंगामभीक केआर की मौजूदगी में छात्र कक्षा की सफाई कर रहे थे।
सीईओ ने मौके पर ही शिक्षिका को फटकार लगाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के उपनिदेशक को उसे निलंबित करने का निर्देश दिया था। कुछ ही घंटों में डीडीपीआई ने शिक्षिका को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया था। इसका शिक्षकों ने व्यापक विरोध किया था। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य पुट्टण्णा ने भी निलंबन की निंदा की थी।





