कर्नाटक
किसानों की बदहाली और KPSC भर्ती घोटाले को लेकर उठाए गंभीर सवाल
Ratna Netam
26 Oct 2026 9:18 PM IST

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बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को राज्य की कांग्रेस सरकार पर किसानों की समस्याओं और कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में कथित अनियमितताओं को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की परेशानियों का समाधान करने के बजाय जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डाल रही है। अशोक ने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता, प्रशासनिक जवाबदेही और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की भी मांग की।
गन्ना किसानों की समस्याओं पर सरकार को घेरा
मीडिया से बातचीत के दौरान आर. अशोक ने कहा कि राज्य सरकार को गन्ना किसानों की समस्याओं पर शुरुआत से ही गंभीरता दिखानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को गन्ने की तौल में गड़बड़ी, भुगतान में देरी और उचित कीमत नहीं मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।अशोक के मुताबिक, इन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार के स्तर पर किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने समय रहते चीनी मिल मालिकों और किसान संगठनों के साथ बातचीत नहीं की।उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के आंदोलन शुरू होने से पहले ही संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर समाधान निकालना चाहिए था।
केंद्र सरकार पर जिम्मेदारी डालने का आरोप
आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर किसानों के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहरा रही है।भाजपा नेता ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के खिलाफ कथित तौर पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि सरकार को आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय किसानों के बकाया भुगतान और गन्ने की कीमत से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।वहीं, राज्य सरकार का पक्ष है कि चीनी की न्यूनतम बिक्री कीमत और एथेनॉल खरीद संबंधी केंद्रीय नीतियों में बदलाव से चीनी मिलों की भुगतान क्षमता बेहतर हो सकती है।
KPSC भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप
कर्नाटक लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आर. अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में सुधार करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि आयोग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों में केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।अशोक ने मांग की कि भर्ती अनियमितताओं में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का भरोसा बहाल हो सके।गौरतलब है कि अक्टूबर में प्रवर्तन निदेशालय ने पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती से जुड़े कथित धनशोधन मामले में KPSC के निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार और सदस्य बी.वी. गीता को गिरफ्तार किया था। मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
मैसूर दशहरा के आयोजन पर भी उठाए सवाल
आर. अशोक ने ऐतिहासिक मैसूर दशहरा उत्सव के आयोजन को लेकर भी राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पारंपरिक रीति-रिवाजों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया और आयोजन को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बना दिया।उन्होंने पारंपरिक 'जट्टी कलगा' कुश्ती आयोजन तथा निर्धारित प्रोटोकॉल से संबंधित कथित खामियों का उल्लेख किया।अशोक ने कहा कि दशहरा कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण उत्सव है और इसके आयोजन में परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। ये आरोप विपक्षी नेता के हैं और सरकार की ओर से इन पर अलग स्पष्टीकरण आवश्यक है।
कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच पर सवाल
भाजपा नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।अशोक ने मांग की कि मामले की न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल हो सके। हालांकि उनके राजनीतिक हस्तक्षेप संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।किसानों और युवाओं के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने की बातआर. अशोक ने कहा कि भाजपा किसानों की समस्याओं, सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दों को उठाती रहेगी।उन्होंने राज्य सरकार से गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का समाधान करने, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।कर्नाटक में किसानों की मांगों और KPSC भर्ती विवाद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इन मुद्दों पर सरकार की आगामी कार्रवाई और जांच एजेंसियों की प्रगति महत्वपूर्ण होगी।
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