
Karnataka कर्नाटक: उत्तर कन्नड़ जिले के तटीय हिस्सों और कल्याण कर्नाटक के कई क्षेत्रों में रविवार को लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार बदलते मौसम के बीच कई जगहों पर तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह किसानों के लिए राहत लेकर आई।
उत्तर कन्नड़ जिले के तटीय शहरों में शनिवार शाम से ही मौसम ने करवट ले ली थी। कारवार, भटकल और होन्नावर में शनिवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश रविवार तक रुक-रुक कर जारी रही। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाके और सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
रातभर हुई बारिश के चलते कई रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। निचले क्षेत्रों में पानी भर जाने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, होन्नावर तालुक के सालकोड में पिछले 24 घंटों के दौरान 124 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे अधिक है। यह आंकड़ा रविवार सुबह 8:30 बजे तक का है। इसके अलावा तालुक के होसाकुली में 110 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इन भारी बारिश के आंकड़ों से स्पष्ट है कि तटीय कर्नाटक में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। लगातार बारिश के कारण प्रशासन को भी जलभराव वाले इलाकों में सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
उधर, कल्याण कर्नाटक के कई हिस्सों में भी रविवार दोपहर के समय मौसम अचानक बदल गया। भीषण गर्मी से जूझ रहे इस क्षेत्र में सुबह तेज धूप के बाद दोपहर में आसमान बादलों से ढक गया और मौसम सुहाना हो गया।
इसके बाद शाम को कलबुर्गी शहर, अफजलपुर, जेवरगी, चिंचोली, बीदर, बसवकल्याण, हुमनाबाद और भालकी सहित कई इलाकों में एक घंटे से अधिक समय तक भारी बारिश हुई। इस बारिश ने जहां तापमान में गिरावट लाई, वहीं लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।
खासतौर पर किसानों के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद मानी जा रही है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने इस बदलाव का स्वागत किया है। खेतों में नमी बढ़ने से कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर बारिश को कृषि और जल संसाधनों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी है।
इस तरह उत्तर कन्नड़ और कल्याण कर्नाटक में हुई यह बारिश एक ओर जहां सामान्य जनजीवन के लिए चुनौती बनी, वहीं दूसरी ओर किसानों और पर्यावरण के लिए राहत लेकर आई है।





