कर्नाटक

भूस्खलन से बाधित हुआ रेल यातायात, मंगलुरु-यशवंतपुर के बीच कई ट्रेनें रद्द

Kavita2
2 Aug 2026 2:49 PM IST
भूस्खलन से बाधित हुआ रेल यातायात, मंगलुरु-यशवंतपुर के बीच कई ट्रेनें रद्द
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बेंगलुरु। कर्नाटक में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते शनिवार देर रात रेलवे ट्रैक पर हुए भूस्खलन ने रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। येडाकुमारी और श्रीवागिलु रेलवे स्टेशनों के बीच पहाड़ी से मलबा ट्रैक पर आ गिरा, जिसके कारण रविवार को मंगलुरु और यशवंतपुर के बीच चलने वाली कई ट्रेन सेवाएं रद्द करनी पड़ीं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित मार्ग पर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है।

दक्षिण पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन के बाद ट्रैक पर बड़ी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा जमा हो गया, जिससे रेल मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे की इंजीनियरिंग और तकनीकी टीमों को मौके पर रवाना किया गया।

राहत सामग्री लेकर पहुंची विशेष ट्रेन

रेलवे प्रशासन ने बहाली कार्य में तेजी लाने के लिए राहत सामग्री और आवश्यक मशीनरी से लैस एक विशेष ट्रेन को प्रभावित स्थल पर भेजा है। इस ट्रेन के माध्यम से ट्रैक की मरम्मत के लिए जरूरी उपकरण, निर्माण सामग्री और तकनीकी कर्मचारियों को घटनास्थल तक पहुंचाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में ट्रैक से मलबा हटाने और रेलवे लाइन को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। कई विशेषज्ञ टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं।

बारिश बनी सबसे बड़ी चुनौती

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, बहाली कार्य में सबसे बड़ी बाधा लगातार हो रही भारी बारिश है। क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज बारिश होने के कारण बार-बार भूस्खलन की स्थिति बन रही है। इससे मलबा हटाने का कार्य प्रभावित हो रहा है और कर्मचारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण मिट्टी लगातार खिसक रही है, जिससे ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अधिक समय लग रहा है। रेलवे ने मौसम की स्थिति पर भी लगातार नजर बनाए रखी है।

यात्रियों को हुई परेशानी

ट्रेन सेवाएं रद्द होने से हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। रविवार को यात्रा करने वाले कई यात्रियों को स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन रद्द होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्हें वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करनी पड़ी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से अवश्य प्राप्त कर लें। साथ ही जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है, उनके यात्रियों को नियमानुसार टिकट रिफंड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सुरक्षा को दी जा रही प्राथमिकता

रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा। किसी भी प्रकार का जोखिम उठाए बिना ट्रैक की विस्तृत जांच की जा रही है।

इंजीनियरिंग टीम ट्रैक, पुलों और आसपास की पहाड़ियों का निरीक्षण कर रही है ताकि भविष्य में किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

पश्चिमी घाट क्षेत्र में बढ़ा भूस्खलन का खतरा

येडाकुमारी और श्रीवागिलु के बीच का रेलमार्ग पश्चिमी घाट के घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरता है। मानसून के दौरान इस इलाके में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे चट्टानें और मलबा नीचे खिसककर रेलवे ट्रैक और सड़कों पर आ जाता है। इसी वजह से मानसून के दौरान इस मार्ग पर विशेष निगरानी रखी जाती है।

बहाली कार्य जारी

रेलवे प्रशासन ने बताया कि प्रभावित स्थल पर बहाली का कार्य लगातार जारी है। मलबा हटाने के साथ-साथ ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा जांच भी की जा रही है। मौसम अनुकूल रहने पर जल्द से जल्द रेल सेवाएं बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल रेलवे ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि रेल सेवाएं सुरक्षित रूप से दोबारा शुरू की जा सकें।

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