कर्नाटक

वंदे मातरम विवाद पर आर अशोक का कांग्रेस पर हमला

Kavita2
19 Aug 2026 12:05 PM IST
वंदे मातरम विवाद पर आर अशोक का कांग्रेस पर हमला
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बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर उठे विवाद पर कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो नेता कथित रूप से गुलाम मानसिकता रखते हैं और पार्टी नेतृत्व के सामने हमेशा सहमति जताते हैं, वे मातृभूमि की भावना और स्वतंत्रता संग्राम के महत्व को कैसे समझ सकते हैं।

आर. अशोक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट के जरिए यह टिप्पणी की। उन्होंने कांग्रेस नेता हरिप्रसाद का नाम लेते हुए सवाल किया कि क्या ऐसे लोग आजादी की लड़ाई के दौरान ‘वंदे मातरम’ के महत्व को समझ सकते हैं।

‘वंदे मातरम’ को बताया राष्ट्रीय भावना का प्रतीक

आर. अशोक ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की भावना और करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में देशभक्ति की भावना पैदा की और अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा दी।

अशोक ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारत माता की जय का उद्घोष रहा है, जिसने कई स्वतंत्रता सेनानियों को देश के लिए बलिदान देने का साहस दिया।

कांग्रेस नेताओं पर लगाया आरोप

विपक्ष के नेता ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने आजादी के आंदोलन के मूल्यों को नहीं समझा, वे इस गीत के महत्व पर सवाल नहीं उठा सकते।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता राजनीतिक कारणों से ऐसे मुद्दों पर बयान देते हैं, जो देश की भावनाओं से जुड़े होते हैं।

हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा है गीत

‘वंदे मातरम’ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सबसे प्रभावशाली नारों में से एक रहा है। यह गीत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना ‘आनंदमठ’ उपन्यास से लिया गया था और बाद में स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख प्रतीक बन गया।

आजादी की लड़ाई के दौरान कई आंदोलनों में इसका इस्तेमाल देशवासियों को एकजुट करने के लिए किया गया।

अहंकार का लगाया आरोप

आर. अशोक ने अपने बयान में कहा कि ‘वंदे मातरम’ को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अपमान है।

उन्होंने कहा कि यह गीत उन लोगों की भावनाओं से जुड़ा है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक अहंकार के कारण देश के ऐतिहासिक प्रतीकों को लेकर गलत बयान देते हैं।

कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी

आर. अशोक का बयान कर्नाटक की राजनीति में जारी सियासी बहस के बीच आया है। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी के बीच कई मुद्दों पर लगातार बयानबाजी होती रही है।

बीजेपी नेता अक्सर राष्ट्रवाद और देश से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर हमला करते रहे हैं, जबकि कांग्रेस भी बीजेपी की राजनीति पर सवाल उठाती रही है।

बीजेपी ने उठाया राष्ट्रवाद का मुद्दा

आर. अशोक के बयान को बीजेपी के राष्ट्रवादी मुद्दों पर जोर देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी लगातार राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े विषयों को लेकर कांग्रेस को घेरती रही है।

अशोक ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ का सम्मान करना हर भारतीय की जिम्मेदारी है और इसे किसी राजनीतिक विवाद से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

विवाद के आगे बढ़ने के संकेत

‘वंदे मातरम’ को लेकर आर. अशोक की टिप्पणी के बाद राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस मुद्दे पर और बयान सामने आ सकते हैं।

फिलहाल विपक्ष के नेता ने साफ किया है कि उनके लिए ‘वंदे मातरम’ देशभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम की भावना का प्रतीक है और इसके सम्मान को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

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