
पेरियापटना। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए पूरी सरकार अब ‘प्रजा सेवा विभाग’ के माध्यम से जनता के सामने मौजूद रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और शासन को सीधे उनके दरवाजे तक पहुंचाना है। इसके साथ ही अदालती मामलों से जुड़ी समस्याओं में लोगों को मुफ्त सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक अलग कानूनी केंद्र भी शुरू किया गया है।
शिवकुमार ने शनिवार को पेरियापटना में आयोजित ‘प्रजा सेवा अभियान’ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए यह बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार ने लोगों की समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से सुनने और उनका समाधान कराने के उद्देश्य से ‘प्रजा सेवा विभाग’ शुरू किया है। इस विभाग की जिम्मेदारी राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने करीब 40 साल के राजनीतिक अनुभव के आधार पर उन्होंने महसूस किया है कि लोगों और सरकार के बीच सीधा संवाद बेहद जरूरी है। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए नया विभाग शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य जनता की शिकायतों को केवल दर्ज करना नहीं, बल्कि संबंधित विभागों और अधिकारियों तक पहुंचाकर उनके समाधान की दिशा में काम करना है।
शिवकुमार ने कहा, “हमने ‘प्रजा सेवा विभाग’ शुरू किया है और इसकी जिम्मेदारी राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी है। लोगों की सेवा करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए मैंने अपने 40 साल के राजनीतिक अनुभव के दौरान यह नया विभाग शुरू किया है।”
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि विधायक बनने के बाद से वह हर साल गांवों का दौरा करते रहे हैं। गांवों में जाकर लोगों से सीधे मिलने और उनकी समस्याओं को समझने से उन्हें जमीनी स्तर पर शासन की जरूरतों का अनुभव मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में रहने वाले लोगों को कई बार अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना पड़ता है। अलग-अलग विभागों से जुड़ी शिकायतों के कारण लोगों को अधिकारियों और कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। प्रजा सेवा विभाग के माध्यम से इस दूरी को कम करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को दूर करना, उनकी उम्मीदों और मांगों को सरकार तक पहुंचाना तथा उन्हें न्याय दिलाने में सहायता करना है। इसके साथ ही मंत्रियों, स्थानीय विधायकों और सरकारी अधिकारियों को जनता के ज्यादा करीब लाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
शिवकुमार ने कहा कि शासन का मतलब केवल सरकारी कार्यालयों में बैठकर फैसले लेना नहीं है। सरकार के प्रतिनिधियों और अधिकारियों को लोगों के बीच जाकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझना चाहिए। इसी सोच के तहत ‘प्रजा सेवा अभियान’ शुरू किया गया है।
अभियान की एक महत्वपूर्ण विशेषता कानूनी सहायता से जुड़ी है। अदालती मामलों का सामना कर रहे लोगों की समस्याओं के लिए अलग कानूनी केंद्र शुरू किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को मुफ्त सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ऐसे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया समझने या आवश्यक सहायता हासिल करने में परेशानी होती है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोगों को न्याय दिलाना भी इस पहल के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। कई बार नागरिकों की समस्याएं प्रशासनिक स्तर पर समाधान नहीं मिलने के कारण लंबे समय तक बनी रहती हैं। कुछ मामले कानूनी विवाद का रूप भी ले लेते हैं। ऐसे मामलों में उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए कानूनी केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
‘प्रजा सेवा अभियान’ के जरिए सरकार विभिन्न स्तरों पर जनता से सीधे संपर्क स्थापित करना चाहती है। इसमें मंत्री, विधायक और सरकारी अधिकारी लोगों की शिकायतें सुनने और उनके समाधान के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच संवाद को अधिक प्रभावी बनाना है।
शिवकुमार ने अपने संबोधन में ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद से गांवों के नियमित दौरे के दौरान उन्होंने लोगों की अनेक तरह की समस्याएं देखी हैं। इसी अनुभव से उन्हें यह समझने का मौका मिला कि प्रशासनिक व्यवस्था को जनता के और करीब लाने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, किसी व्यक्ति की समस्या तभी सही तरीके से समझी जा सकती है, जब अधिकारी और जनप्रतिनिधि सीधे उसके पास पहुंचें। इसलिए नई व्यवस्था में सरकारी तंत्र को लोगों के घर-घर तक पहुंचाने की सोच रखी गई है।
इस पहल के जरिए स्थानीय स्तर पर मौजूद समस्याओं को तेजी से सामने लाने में भी मदद मिल सकती है। सड़क, पानी, सरकारी योजनाओं का लाभ, दस्तावेज, प्रशासनिक शिकायत या अन्य सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित मामलों में लोगों को अपनी बात संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए एक मंच मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की उम्मीदों को आवाज देना इस विभाग की जिम्मेदारियों में शामिल होगा। इसका मतलब है कि विभाग केवल व्यक्तिगत शिकायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों की अपेक्षाओं और स्थानीय जरूरतों को भी शासन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
सरकार की कोशिश है कि शिकायतों और समस्याओं को सुनने के साथ उनके समाधान की दिशा में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित हो। यदि मंत्री, स्थानीय विधायक और अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचते हैं तो उन्हें क्षेत्र की वास्तविक स्थिति समझने में आसानी होगी।
शिवकुमार ने अपने 40 साल के राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि इतने लंबे समय में उन्होंने जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को करीब से देखा है। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने महसूस किया कि एक ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जहां नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जा सके।
प्रजा सेवा अभियान को सरकार और जनता के बीच सीधे संपर्क के नए माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें सरकारी व्यवस्था को नागरिकों के करीब लाने पर जोर है। इसके जरिए लोगों को यह अवसर मिलेगा कि वे अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रख सकें।
अदालती मामलों के लिए मुफ्त कानूनी सेवाओं का प्रावधान इस अभियान को और व्यापक बनाता है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए कानूनी प्रक्रिया कई बार कठिन साबित होती है। ऐसे में अलग कानूनी केंद्र के माध्यम से मिलने वाली सहायता उन्हें अपनी समस्या को सही मंच तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।
पेरियापटना में शुरू किए गए ‘प्रजा सेवा अभियान’ के माध्यम से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि प्रशासन को जनता तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की समस्याओं को दूर करने, उनकी उम्मीदों को आवाज देने और न्याय दिलाने के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की गई है।
कुल मिलाकर ‘प्रजा सेवा विभाग’ और इसके तहत शुरू किया गया अभियान जनता तथा सरकार के बीच सीधा संपर्क मजबूत करने की पहल है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के अनुसार, मंत्री, विधायक और अधिकारी लोगों तक पहुंचेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और समाधान की दिशा में काम करेंगे। वहीं अदालती मामलों में परेशानी का सामना कर रहे लोगों के लिए अलग कानूनी केंद्र के माध्यम से मुफ्त सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।





