कर्नाटक

Karnataka में निवेश के लिए और सुविधाएं दें: 13 कंपनियों ने सरकार से मांग की

Kavita2
23 April 2026 3:38 PM IST
Karnataka में निवेश के लिए और सुविधाएं दें: 13 कंपनियों ने सरकार से मांग की
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Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अगुवाई वाली एक कैबिनेट सब-कमेटी ने कर्नाटक में बड़े स्तर पर निवेश करने की योजना बना रही 13 कंपनियों को अतिरिक्त इंसेंटिव देने के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की है। यह सब-कमेटी निवेश प्रस्तावों की समीक्षा कर रही है और कंपनियों की मांग के आधार पर प्रोत्साहन (इंसेंटिव) तय करने पर विचार कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह सुझाव दिया गया कि सरकार के अधिकारी हर कंपनी के साथ अलग-अलग बातचीत करें ताकि दोनों पक्षों के लिए एक संतुलित और व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके। उद्देश्य यह है कि निवेश भी आकर्षित हो और राज्य पर अनावश्यक वित्तीय बोझ भी न पड़े।

जानकारी के मुताबिक, कुछ कंपनियों ने सरकार से 40 प्रतिशत तक अतिरिक्त इंसेंटिव की मांग की है। इस पर अधिकारियों को यह जांचने के लिए कहा गया है कि क्या इसे घटाकर 35 प्रतिशत किया जा सकता है, और कुछ मामलों में इसे 20 से 25 प्रतिशत तक सीमित किया जा सकता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य निवेश नीति को लचीला बनाते हुए राज्य के हितों को सुरक्षित रखना है।

हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रस्तावित प्रोजेक्ट को सिर्फ इंसेंटिव के स्तर पर चर्चा के कारण खारिज नहीं किया गया है। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि हर निवेश प्रस्ताव से राज्य को आर्थिक और रोजगार के स्तर पर अधिकतम लाभ मिले।

बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी कंपनियों के साथ बातचीत में यह सुनिश्चित किया जाए कि निवेश से जुड़े प्रोजेक्ट्स में रोजगार के अवसर स्थानीय लोगों के लिए भी उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया है कि कंपनियों को भर्ती प्रक्रिया में कन्नड़ लोगों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

सरकार का मानना है कि बड़े निवेश से राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसलिए निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय हितों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

कर्नाटक सरकार की यह रणनीति निवेशकों और राज्य प्रशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है, ताकि आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले और स्थानीय रोजगार भी मजबूत हो सके।

फिलहाल कैबिनेट सब-कमेटी सभी 13 कंपनियों के प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा कर रही है और आने वाले दिनों में अंतिम निर्णय लेने की संभावना है।

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