
बेलगाम। कर्नाटक में अथानी रूरल पुलिस ने अथानी-रायदाराहट्टी रोड पर स्थित शिवशक्ति लॉज में कथित रूप से चल रहे देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जबकि एक महिला को वहां से मुक्त कराया गया है। पुलिस का कहना है कि महिला का वेश्यावृत्ति के लिए शोषण किया जा रहा था। मामले में लॉज मैनेजर समेत दो अन्य लोगों की कथित भूमिका भी सामने आई है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 3 अक्टूबर को की गई। अथानी सर्कल इंस्पेक्टर संतोष डी. हल्लूर को शिवशक्ति लॉज में संदिग्ध गतिविधियां चलने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में दावा किया गया था कि लॉज का इस्तेमाल कथित रूप से देह व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की योजना तैयार की और टीम ने लॉज पर छापेमारी की।
यह ऑपरेशन बेलगाम के पुलिस अधीक्षक के. रामराजन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर. बी. बसरागी और डीएसपी प्रशांत जी. मुन्नोली की देखरेख में चलाया गया। पुलिस टीम ने लॉज पहुंचकर वहां मौजूद लोगों और कमरों की जांच की। इसी दौरान एक महिला मिली, जिसके बारे में पुलिस का कहना है कि उसका वेश्यावृत्ति के लिए शोषण किया जा रहा था।
पुलिस ने महिला को वहां से मुक्त कराया और उससे मामले से संबंधित जानकारी जुटाई। इस तरह के मामलों में महिला की सुरक्षा और उसके बयान को महत्वपूर्ण माना जाता है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला लॉज तक कैसे पहुंची और उसे कथित देह व्यापार में शामिल करने के पीछे किन लोगों की भूमिका थी।
कार्रवाई के दौरान अथानी तालुक के अरातला गांव निवासी मल्लप्पा दिलीप कांबले को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच में उसकी कथित भूमिका और पूरे नेटवर्क से उसके संबंधों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की जांच में लॉज से जुड़े दो अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें अथानी के शिवशक्ति लॉज के मैनेजर राहुल मद्दी और गुंडेवाड़ी निवासी गणेश संकपाल शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि दोनों महिला को लॉज में रखने और वहां कथित देह व्यापार से जुड़ी गतिविधियों में सहायता करने में शामिल थे।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लॉज में इस तरह की गतिविधियां कब से चल रही थीं। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि महिला को वहां कौन लेकर आया था और कथित तौर पर ग्राहकों से संपर्क किसके माध्यम से कराया जाता था। मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
लॉज में आने-जाने वाले लोगों से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस वहां उपलब्ध रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि संदिग्ध गतिविधियों में और कितने लोग शामिल थे। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक गुप्त सूचना मिलने के बाद पहले मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की तैयारी की गई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने महिला को मुक्त कराने के साथ एक आरोपी को हिरासत में लिया।
मामले में पुलिस महिला को पीड़िता के रूप में देखते हुए उसके कथित शोषण से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसे किसी तरह का लालच देकर लाया गया था, दबाव बनाया गया था या किसी अन्य तरीके से उसका शोषण किया जा रहा था। इन सवालों का जवाब विस्तृत जांच और महिला के बयान के आधार पर स्पष्ट होगा।
पुलिस के सामने अब पूरे कथित नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती है। यदि लॉज में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित हो रही थीं तो इसमें अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। खास तौर पर महिला को लॉज तक लाने, वहां रखने और कथित ग्राहकों से संपर्क कराने की व्यवस्था की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लॉज मैनेजर की भूमिका किस स्तर तक थी। राहुल मद्दी और गणेश संकपाल पर महिला को लॉज में रखने तथा कथित देह व्यापार में मदद करने के आरोप हैं। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
देह व्यापार से जुड़े मामलों में यदि किसी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध इस तरह की गतिविधि में शामिल किए जाने की बात सामने आती है तो मानव तस्करी और शोषण से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाती है। अथानी के इस मामले में पुलिस फिलहाल उपलब्ध जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लॉज और अन्य ठहरने वाले स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों को लेकर भी सतर्कता बढ़ने की संभावना है। पुलिस को मिली गुप्त सूचना इस पूरे मामले के खुलासे का आधार बनी। सूचना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की गई छापेमारी में महिला को मुक्त कराया गया और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।
फिलहाल अथानी रूरल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के सामने मुख्य सवाल यह है कि कथित रैकेट में कितने लोग शामिल थे और महिला के शोषण में किसकी क्या भूमिका थी। गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां सामने आ सकती हैं।





