कर्नाटक

MD कोर्स के साथ नौकरी का आरोप जांच शुरू

Kavita2
16 Sept 2026 3:32 PM IST
MD कोर्स के साथ नौकरी का आरोप जांच शुरू
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बागलकोट: कर्नाटक के बागलकोट जिले में कांग्रेस विधायक उमेश मेटी की भतीजी डॉ. अंकिता यारगल को लेकर एक विवाद सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने फुल-टाइम एमडी (MD) पैथोलॉजी कोर्स में दाखिला लेने के बाद भी ‘नम्मा क्लिनिक’ में मेडिकल ऑफिसर के रूप में काम जारी रखा। मामले की जानकारी सामने आने के बाद अब इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि डॉ. अंकिता को अगस्त 2025 में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर मेडिकल ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया गया था। इसके बाद मार्च 2026 में उन्होंने एमडी पैथोलॉजी कोर्स शुरू किया, लेकिन आरोप है कि विभागीय रिकॉर्ड में उनका नाम अब भी मेडिकल ऑफिसर के रूप में दर्ज रहा।

फुल-टाइम कोर्स के साथ नौकरी का आरोप

जानकारी के अनुसार, डॉ. अंकिता यारगल ने एमडी पैथोलॉजी में प्रवेश लिया। मेडिकल शिक्षा से जुड़े नियमों के तहत फुल-टाइम पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स करने वाले डॉक्टरों के लिए नियमित नौकरी या अन्य पूर्णकालिक जिम्मेदारियों को लेकर निर्धारित प्रावधान होते हैं।

आरोप है कि एमडी कोर्स शुरू होने के बाद भी डॉ. अंकिता का नाम ‘नम्मा क्लिनिक’ में कार्यरत मेडिकल ऑफिसर के तौर पर बना रहा। इसी आधार पर विभाग ने मामले की जांच शुरू की है।

अगस्त 2025 में हुई थी नियुक्ति

सूत्रों के मुताबिक, डॉ. अंकिता यारगल की नियुक्ति अगस्त 2025 में अनुबंधित मेडिकल ऑफिसर के रूप में की गई थी। उनका काम ‘नम्मा क्लिनिक’ से जुड़ा हुआ था।

इसके बाद उन्होंने मार्च 2026 में एमडी पैथोलॉजी पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया। अब विभाग यह जांच कर रहा है कि एमडी कोर्स में दाखिले के बाद भी क्लिनिक में उनकी सेवा जारी रहने के पीछे क्या कारण थे और रिकॉर्ड में बदलाव क्यों नहीं किया गया।

विभागीय रिकॉर्ड की हो रही जांच

मामले को लेकर संबंधित विभाग ने दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाया जा रहा है कि नियुक्ति, उपस्थिति और सेवा से जुड़े रिकॉर्ड में क्या स्थिति थी।

जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि क्या नियमों का उल्लंघन हुआ है या फिर किसी प्रशासनिक कारण से रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाया।

नियुक्ति और सेवा नियमों पर उठे सवाल

इस मामले के सामने आने के बाद मेडिकल क्षेत्र में अनुबंधित नियुक्तियों और उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों के साथ सेवा जारी रखने के नियमों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मेडिकल शिक्षा और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में काम करने वाले डॉक्टरों के लिए अलग-अलग नियम निर्धारित होते हैं। ऐसे मामलों में तथ्यों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

राजनीतिक जुड़ाव के कारण मामला चर्चा में

डॉ. अंकिता यारगल का संबंध बागलकोट के कांग्रेस विधायक उमेश मेटी के परिवार से होने के कारण मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया है।

हालांकि, जांच एजेंसियां इस मामले को नियमों और दस्तावेजों के आधार पर देख रही हैं। अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल डॉ. अंकिता यारगल से जुड़े मामले में विभागीय जांच जारी है। सभी संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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