
Karnataka कर्नाटक: गृह मंत्री Priyank Kharge ने हाल ही में हुए काउंसिल चुनावों के नतीजों को लेकर विपक्षी गठबंधन पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में जनता दल (सेक्युलर) के उम्मीदवार की हार यह संकेत देती है कि गठबंधन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
मैसूर में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए खड़गे ने कहा कि यह परिणाम भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन में मौजूद अंदरूनी मतभेदों और असंतोष को उजागर करता है। उन्होंने दावा किया कि दोनों दलों के विधायकों के बीच तालमेल की कमी अब चुनावी नतीजों में भी दिखाई देने लगी है।
मंत्री ने यह भी कहा कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन में नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार, गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी का असर चुनावी प्रदर्शन पर पड़ रहा है।
इस दौरान खड़गे ने तमिलनाडु विधानसभा द्वारा मेकेदातु परियोजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी परिस्थिति में राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।
मेकेदातु परियोजना कावेरी नदी पर प्रस्तावित एक महत्वपूर्ण जल प्रबंधन योजना है, जिसे लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। तमिलनाडु सरकार इस परियोजना का विरोध करती रही है, जबकि कर्नाटक सरकार इसे राज्य के विकास के लिए आवश्यक बताती है।
खड़गे ने कहा कि कर्नाटक सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले जल संसाधनों के उपयोग और विकास योजनाओं पर आगे बढ़ती रहेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार कानूनी और संवैधानिक रास्तों से अपनी स्थिति को मजबूत करेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि काउंसिल चुनावों के नतीजे और मेकेदातु जैसे मुद्दे राज्य की राजनीति में आने वाले समय में और अधिक बहस को जन्म दे सकते हैं। खासकर जब गठबंधन राजनीति और क्षेत्रीय हित एक साथ टकराते दिखाई दे रहे हैं।
फिलहाल इस बयान के बाद कर्नाटक की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है और सभी दल अपने-अपने पक्ष को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।





