कर्नाटक

Karnataka में बिजली वितरण निजी हाथों में जाने की तैयारी

Kavita2
26 May 2026 12:51 PM IST
Karnataka में बिजली वितरण निजी हाथों में जाने की तैयारी
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में बिजली वितरण व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है, जिसके तहत पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर को धीरे-धीरे निजी कंपनियों के लिए खोला जा रहा है। इस प्रस्तावित व्यवस्था के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को यह विकल्प मिल सकता है कि वे किस कंपनी से और किस दर पर बिजली खरीदना चाहते हैं।

जानकारी के अनुसार, यह मॉडल उन राज्यों और देशों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है जहां पहले से बिजली वितरण में निजी कंपनियों की भागीदारी है। इसमें ओडिशा, दिल्ली, मुंबई सहित कई स्थानों का उदाहरण दिया जा रहा है।

इसी दिशा में टाटा पावर ने कर्नाटक के प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों जैसे BESCOM (बेंगलुरु), HESCOM (हुबली-धारवाड़), CESC (मैसूर) और MESCOM (मैंगलोर) के क्षेत्रों में बिजली वितरण लाइसेंस के लिए कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (KERC) में आवेदन किया है।

KERC अधिकारियों के अनुसार, कंपनी ने राज्य के कई जिलों में भी वितरण अधिकार हासिल करने के लिए आवेदन किया है। इनमें बेलगाम, उत्तर कन्नड़, धारवाड़, मैसूर, चामराजनगर, हासन, बैंगलोर रूरल, चिक्काबल्लापुर, कोलार, रामनगर, तुमकुर, चित्रदुर्ग, शिवमोग्गा, दक्षिण कन्नड़ और उडुपी शामिल हैं।

यदि यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो राज्य के बिजली सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं और अलग-अलग टैरिफ विकल्प मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इसके साथ ही मौजूदा सरकारी वितरण ढांचे पर भी बदलाव का दबाव बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली वितरण में निजी भागीदारी से सेवा गुणवत्ता और दक्षता में सुधार संभव है, लेकिन इसके लिए मजबूत नियामक ढांचे और उपभोक्ता सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होगी।

राज्य सरकार और नियामक आयोग की मंजूरी के बाद ही यह व्यवस्था लागू हो सकेगी। फिलहाल आवेदन प्रक्रिया और समीक्षा चरण में है, और इस पर अंतिम निर्णय आने वाले समय में लिया जाएगा।

कुल मिलाकर, कर्नाटक में बिजली वितरण क्षेत्र में संभावित निजीकरण राज्य के ऊर्जा सेक्टर में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं और बाजार दोनों पर पड़ेगा।

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