
मैसूर। दुनिया भर में प्रसिद्ध मैसूर दशहरा 2026 के आयोजन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। कर्नाटक के सांस्कृतिक शहर मैसूर में इस भव्य उत्सव को आकर्षक बनाने के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार शहर की 146 किलोमीटर लंबी सड़कों को शानदार इलेक्ट्रिक लाइटों से सजाया जा रहा है। ऊर्जा और पर्यटन मंत्री के.जे. जॉर्ज ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि शहर के प्रमुख मार्गों, गोल-चक्करों और विभिन्न मूर्तियों को विशेष रूप से तैयार की गई रोशनी से सजाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
मैसूर दशहरा हर साल बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। इस उत्सव के दौरान शहर की सजावट, सांस्कृतिक गतिविधियां और रोशनी लोगों के आकर्षण का प्रमुख हिस्सा होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी शहर को विशेष रूप से सजाने की तैयारी की जा रही है। इलेक्ट्रिक लाइटिंग की यह व्यवस्था 11 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चालू रहेगी। यानी कुल 21 दिनों तक मैसूर की सड़कों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर रोशनी की विशेष व्यवस्था देखने को मिलेगी।
146 किलोमीटर लंबी सड़कों पर होगी रोशनी
ऊर्जा और पर्यटन मंत्री के.जे. जॉर्ज के अनुसार, मैसूर दशहरा 2026 के लिए शहर की कुल 146 किलोमीटर लंबी सड़कों को इलेक्ट्रिक लाइटों से सजाया जा रहा है। इस व्यापक सजावट का उद्देश्य उत्सव के दौरान शहर को आकर्षक रूप देना है।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर उत्सव का माहौल दिखाई दे। दशहरा के दौरान मैसूर आने वाले लोगों को शहर की सजावट का अनुभव मिल सके, इसके लिए विशेष लाइटिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
146 किलोमीटर सड़कों पर रोशनी की व्यवस्था इस आयोजन की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस काम के जरिए शहर के विभिन्न हिस्सों को उत्सव की सजावट से जोड़ने की योजना है।
199 सड़कों और 123 गोल-चक्करों पर विशेष सजावट
मंत्री ने बताया कि शहर की 199 सड़कों और 123 गोल-चक्करों पर विशेष रूप से डिजाइन की गई इलेक्ट्रिक लाइटें लगाई जा रही हैं। इसके अलावा, शहर में मौजूद 80 अलग-अलग मूर्तियों को भी रोशनी से सजाया जाएगा।
इस तरह सजावट का दायरा केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गोल-चक्करों और मूर्तियों जैसे सार्वजनिक स्थलों को भी इसमें शामिल किया गया है। विशेष डिजाइन वाली लाइटों के माध्यम से इन स्थानों को उत्सव के अनुरूप आकर्षक बनाया जाएगा।
शहर की सड़कों, गोल-चक्करों और मूर्तियों पर एक साथ रोशनी की व्यवस्था किए जाने से मैसूर के कई हिस्सों में दशहरा का माहौल दिखाई देगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में लाइटों के डिजाइन, रंगों और प्रत्येक स्थान पर सजावट की अलग-अलग योजना का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
11 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक जगमगाएगा शहर
मैसूर दशहरा के लिए तैयार किया जा रहा लाइटिंग सिस्टम 11 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चालू रहेगा। यह व्यवस्था कुल 21 दिनों तक जारी रहेगी। इस अवधि में शहर के निर्धारित मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर इलेक्ट्रिक लाइटें जलेंगी।
लंबी अवधि तक चलने वाली यह व्यवस्था दशहरा उत्सव के आसपास शहर की सजावट को बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है। इससे स्थानीय लोगों के साथ मैसूर आने वाले पर्यटकों को भी रोशनी से सजे शहर को देखने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रतिदिन लाइटें चालू करने और बंद करने का समय, बिजली की खपत तथा इस पूरे काम पर होने वाले खर्च का विवरण सामने नहीं आया है।
पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान पर रहेगा जोर
मैसूर को कर्नाटक के प्रमुख सांस्कृतिक शहरों में गिना जाता है और दशहरा यहां का प्रसिद्ध उत्सव है। इस आयोजन के दौरान शहर को सजाने की तैयारियां भी उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं।
ऊर्जा और पर्यटन मंत्री के.जे. जॉर्ज की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष शहर की व्यापक इलेक्ट्रिक लाइटिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सड़कों के अलावा गोल-चक्करों और मूर्तियों को सजाने की योजना से शहर के कई सार्वजनिक स्थल उत्सव की सजावट का हिस्सा बनेंगे।
शहर की सजावट पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक पहलू हो सकती है। हालांकि, इस बार दशहरा में आने वाले पर्यटकों की अनुमानित संख्या या पर्यटन से होने वाली संभावित आय के बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है।
दशहरा की तैयारियों को अंतिम रूप देने की तैयारी
मैसूर दशहरा 2026 के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। 146 किलोमीटर लंबी सड़कों, 199 सड़कों, 123 गोल-चक्करों और 80 मूर्तियों पर इलेक्ट्रिक लाइटें लगाने की योजना इस आयोजन की तैयारियों का प्रमुख हिस्सा है।
मंत्री के.जे. जॉर्ज के अनुसार, विशेष लाइटिंग सिस्टम 11 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चालू रहेगा। इस दौरान शहर के निर्धारित हिस्सों में रोशनी की व्यवस्था बनी रहेगी।
मैसूर में दशहरा की शुरुआत से पहले शहर को आकर्षक बनाने के लिए की जा रही तैयारियों पर ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में लाइटिंग व्यवस्था पूरी होने के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों में सजावट दिखाई देने लगेगी। फिलहाल, प्रशासन की ओर से घोषित योजना के अनुसार, इस वर्ष 21 दिनों तक मैसूर की सड़कें, गोल-चक्कर और मूर्तियां विशेष इलेक्ट्रिक लाइटों से जगमगाएंगी।





