
बेंगलुरु। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) भर्ती घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को बचाने की कोशिश कर रही है, जिनका नाम कथित भर्ती घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का अचानक लापता होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार की जानकारी के बिना कोई बड़ा अधिकारी इतने समय तक कैसे गायब रह सकता है।
IAS अधिकारी के लापता होने पर उठाए सवाल
KPSC ನೇಮಕಾತಿ ಹಗರಣ: IAS ಅಧಿಕಾರಿ ಸರ್ಕಾರದ ರಕ್ಷಣೆಯಲ್ಲಿದ್ದಾರೆ; ಪತ್ತೆಹಚ್ಚಿ ತನಿಖಾ ಸಂಸ್ಥೆಗಳ ಮುಂದೆ ಹಾಜರುಪಡಿಸಿ: ಪ್ರಹ್ಲಾದ್ ಜೋಶಿ @XpressBengaluru @NewIndianXpress @JoshiPralhad @PriyankKharge @DKShivakumar @CMofKarnataka pic.twitter.com/dT4We0V5V0
— kannadaprabha (@KannadaPrabha) August 28, 2026
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के मामले में राज्य प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है।
उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी के गायब होने की जानकारी सरकार को नहीं होना संभव नहीं है। जोशी ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में सरकार की ओर से संरक्षण दिया जा रहा है।
हालांकि, कांग्रेस सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
CID के सामने पेश हो रहे हैं अधिकारी
बताया जा रहा है कि IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार अब जांच के सिलसिले में सीआईडी के सामने पेश हो रहे हैं।
कथित KPSC भर्ती घोटाले की जांच कर रही एजेंसी उनसे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
जांच एजेंसियां भर्ती प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।
सरकार पर लगाया घोटाले में शामिल होने का आरोप
पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस सरकार पर सीधे हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार की भूमिका है और सरकार को कथित घोटाले से फायदा हुआ है।
जोशी ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहती है तो उसे पूरे मामले में पारदर्शिता दिखानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
विपक्ष लगातार उठा रहा मुद्दा
KPSC भर्ती घोटाले को लेकर विपक्ष लगातार राज्य सरकार को घेर रहा है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं और सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
भाजपा ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस सरकार के लिए बढ़ी चुनौती
इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस सरकार के सामने राजनीतिक चुनौती बढ़ गई है।
भर्ती और रोजगार से जुड़े मुद्दे युवाओं से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठते हैं।
विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
जांच से सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल KPSC भर्ती घोटाले की जांच जारी है।
जांच एजेंसियां दस्तावेजों, अधिकारियों की भूमिका और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस मामले में कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
कर्नाटक में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
भाजपा जहां सरकार पर संरक्षण देने का आरोप लगा रही है, वहीं सरकार की ओर से जांच प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ने की बात कही जा रही है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और जोर पकड़ सकता है।





