कर्नाटक

कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन को लेकर सियासी घमासान, CM शिवकुमार पर भड़की BJP

Kavita2
8 Oct 2026 10:59 AM IST
कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन को लेकर सियासी घमासान, CM शिवकुमार पर भड़की BJP
x

बेंगलुरु। कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ओर से मंत्रियों को संभावित स्टिंग ऑपरेशन से सावधान रहने की चेतावनी के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि स्टिंग ऑपरेशन और ब्लैकमेलिंग का इतिहास कांग्रेस नेताओं से जुड़ा रहा है। विजयेंद्र ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों को स्टिंग ऑपरेशन से सावधान रहने की सलाह क्यों दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ऐसी स्थिति बन गई है, जहां मंत्रियों को रिश्वत लेते समय दरवाजे बंद करने और मोबाइल फोन बंद रखने की बात कही जा रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से उन दो एजेंसियों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की है, जिनके बारे में स्टिंग ऑपरेशन करने की चर्चा हो रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद शुरू हुआ विवाद

कर्नाटक की राजनीति में यह विवाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की एक कथित चेतावनी के बाद शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने अपने सहयोगियों को संभावित स्टिंग ऑपरेशन के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी थी।

बताया गया कि शिवकुमार ने मंत्रियों को निजी मुलाकातों, होटलों में होने वाली बैठकों और संवेदनशील बातचीत के दौरान सावधानी बरतने के लिए कहा।

रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बैठक में एक फाइल भी दिखाई, जिसमें कथित स्टिंग ऑपरेशन से संबंधित जानकारी और कुछ मंत्रियों के नाम शामिल थे।

हालांकि, कथित स्टिंग ऑपरेशन करने वाली एजेंसियों की पहचान और संबंधित सूची की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

विजयेंद्र बोले- कांग्रेस को स्टिंग का इतिहास ज्यादा पता

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने बुधवार को गदग में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि स्टिंग ऑपरेशन और ब्लैकमेलिंग के इतिहास के बारे में कांग्रेस के नेताओं को अधिक जानकारी है। विजयेंद्र के अनुसार, कांग्रेस के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से पूछा जाए तो इस संबंध में कई बातें सामने आ सकती हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को उन दो एजेंसियों के बारे में जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, जिनके कथित तौर पर मंत्रियों के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करने की चर्चा है।

विजयेंद्र ने यह भी कहा कि वह स्वयं किसी व्यक्ति का नाम नहीं लेना चाहते, लेकिन मुख्यमंत्री को इस विषय पर जनता के सामने स्पष्टीकरण देना चाहिए।

रिश्वत लेते समय दरवाजा बंद करने वाला बयान

बीवाई विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री की चेतावनी को लेकर तंज कसते हुए कहा कि राज्य में ऐसी स्थिति पैदा हो गई है, जहां मंत्रियों को दरवाजे बंद करके और मोबाइल फोन बंद रखकर रिश्वत लेने की सलाह दिए जाने की बात सामने आ रही है।

उन्होंने सवाल किया कि सरकार में आखिर ऐसी कौन-सी गतिविधियां चल रही हैं, जिनके कारण मंत्रियों को स्टिंग ऑपरेशन का डर है।

भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।

हालांकि, विजयेंद्र की यह टिप्पणी राजनीतिक आरोप का हिस्सा है। मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रियों को रिश्वत लेने की सलाह देने का कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आया है।

एचके पाटिल का नाम लेकर उठाए सवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कर्नाटक सरकार के मंत्री और गदग के विधायक एचके पाटिल का भी उल्लेख किया।

विजयेंद्र ने दावा किया कि कांग्रेस के विधायकों और एचके पाटिल को पता है कि राज्य में कौन स्टिंग ऑपरेशन कर रहा है और कौन ब्लैकमेलिंग जैसी गतिविधियों में शामिल है।

उन्होंने कहा कि संबंधित नेताओं से पूछताछ करने पर इस मामले में जानकारी मिल सकती है।

हालांकि, विजयेंद्र ने किसी व्यक्ति या एजेंसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया। उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किया।

ऐसे में इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि होना अभी बाकी है।

रियल एस्टेट कारोबारी से पैसे मांगने का आरोप

विजयेंद्र ने राज्य सरकार से जुड़े एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता पर रियल एस्टेट कारोबारी से कथित तौर पर अतिरिक्त धन मांगने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने दावा किया कि कुछ दिन पहले सरकार में शामिल एक प्रभावशाली कांग्रेस नेता ने एक रियल एस्टेट कारोबारी को अपने कार्यालय में बुलाया था।

आरोप के अनुसार, कारोबारी के अंदर आने से पहले सुरक्षा कर्मचारियों को मोबाइल फोन बंद करने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद कथित तौर पर कारोबारी से पहले की तुलना में अधिक पैसे देने की मांग की गई।

विजयेंद्र का दावा है कि जब कारोबारी ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो उसे कर्नाटक छोड़ने के लिए कह दिया गया।

भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से संबंधित कांग्रेस नेता का नाम सार्वजनिक करने और मामले की जांच कराने की मांग की है।

हालांकि, आरोप में संबंधित नेता और कारोबारी की पहचान स्पष्ट नहीं की गई है। कथित धन मांगने की घटना की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

विपक्ष के नेता आर अशोक ने भी साधा निशाना

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने भी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कथित चेतावनी को लेकर सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने अनुभव और सोच के आधार पर मंत्रियों को स्टिंग ऑपरेशन से बचने की सलाह दे रहे हैं।

आर अशोक ने कहा कि सरकार को मंत्रियों के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा कि वह कांग्रेस सरकार के आंतरिक प्रशासन पर टिप्पणी नहीं करना चाहते।

हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को इस बात की चिंता हो सकती है कि मंत्रियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले भविष्य में उनके लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।

सीटी रवि ने ईमानदारी की सलाह देने को कहा

भाजपा विधान परिषद सदस्य सीटी रवि ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने मंत्रियों को स्टिंग ऑपरेशन से सावधान रहने के बजाय ईमानदारी से काम करने की सलाह देनी चाहिए थी।

सीटी रवि के अनुसार, सरकार के मंत्रियों को अपनी जिम्मेदारियां निभाने और जनता के प्रति जवाबदेह रहने पर ध्यान देना चाहिए।

भाजपा नेताओं ने इस पूरे मामले को सरकार के भीतर कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक पारदर्शिता से जोड़कर सवाल उठाए हैं।

कुमारस्वामी ने भी लगाया गंभीर आरोप

इस विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री और जनता दल सेक्युलर के नेता एचडी कुमारस्वामी ने भी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर निशाना साधा।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ कथित स्टिंग ऑपरेशन कराया गया था, जिसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा।

उन्होंने दावा किया कि इस मामले में डीके शिवकुमार की भूमिका थी।

हालांकि, कर्नाटक कांग्रेस ने कुमारस्वामी के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और निराधार बताया है।

कांग्रेस के मीडिया एवं संचार विभाग के अध्यक्ष रमेश बाबू ने इन आरोपों को खारिज किया है। अब तक कथित स्टिंग ऑपरेशन के संबंध में ऐसा कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण सार्वजनिक नहीं हुआ है, जिससे कुमारस्वामी के दावों की पुष्टि हो सके।

मुख्यमंत्री से जवाब मांग रही भाजपा

कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन का मुद्दा अब भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री को कथित स्टिंग ऑपरेशन करने वाली एजेंसियों की पहचान सार्वजनिक करनी चाहिए। साथ ही रियल एस्टेट कारोबारी से कथित धन मांगने के आरोपों की भी जांच होनी चाहिए।

दूसरी ओर मुख्यमंत्री की चेतावनी से जुड़ी रिपोर्टों में कहा गया है कि मंत्रियों को संभावित गुप्त रिकॉर्डिंग और उसके राजनीतिक इस्तेमाल के प्रति सावधान किया गया था।

फिलहाल कथित स्टिंग ऑपरेशन करने वाली एजेंसियों के नाम और संबंधित आरोपों के समर्थन में कोई निर्णायक प्रमाण सामने नहीं आया है।

ऐसे में आरोपों की सच्चाई स्पष्ट होने के लिए संबंधित पक्षों के आधिकारिक जवाब और जांच की आवश्यकता है। कर्नाटक में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी फिलहाल जारी है।

Next Story