
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से चल रहे मुख्यमंत्री पद को लेकर पावर-शेयरिंग विवाद ने अब एक बड़ा मोड़ ले लिया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी हाईकमान की ओर से हुई लंबी बातचीत के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने पद से इस्तीफा देने के लिए सहमत हो गए हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे की तारीख और नए मुख्यमंत्री को लेकर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है।
इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में फिर से हलचल तेज हो गई है। डिप्टी मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के अंदर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या ढाई साल के पावर-शेयरिंग फॉर्मूले को अब पूरी तरह लागू किया जाएगा या इसमें कोई नया बदलाव किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। उस समय पार्टी के भीतर ढाई-ढाई साल के पावर-शेयरिंग समझौते की बात सामने आई थी, जिसके तहत दोनों नेताओं को मुख्यमंत्री पद साझा करना था।
हालांकि बताया जाता है कि पावर-शेयरिंग का निर्धारित समय पिछले साल नवंबर में पूरा हो गया था, लेकिन उस समय सिद्धारमैया ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से ही पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर असंतोष और चर्चा लगातार जारी रही।
सूत्रों के अनुसार, हालिया बातचीत के बाद अब सिद्धारमैया पद छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अभी कई औपचारिकताएं बाकी हैं। पार्टी हाईकमान इस मुद्दे पर सभी पक्षों से चर्चा कर अंतिम निर्णय लेने की तैयारी में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक में यह बदलाव कांग्रेस की राज्य इकाई में बड़े संगठनात्मक फेरबदल का संकेत हो सकता है। साथ ही इससे राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व कब तक इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेता है और कर्नाटक को नया मुख्यमंत्री कब तक मिलता है।





