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कर्नाटक विधानसभा में सियासी तकरार, BJP विधायक सुनील कुमार की टिप्पणी पर चर्चा तेज

Kavita2
19 Aug 2026 12:30 PM IST
कर्नाटक विधानसभा में सियासी तकरार, BJP विधायक सुनील कुमार की टिप्पणी पर चर्चा तेज
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बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा में मंगलवार को डिप्टी स्पीकर के चुनाव के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच हुई एक दिलचस्प बहस चर्चा का विषय बन गई। इस दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और बीजेपी विधायक सुनील कुमार के बीच राजनीतिक टिप्पणियों का आदान-प्रदान हुआ।

बीजेपी विधायक सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री शिवकुमार के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल ‘नमस्ते सदा वत्सले’ कहने से ही उनमें इतना बदलाव आ गया है, अगर वह इसे पूरा बोलेंगे तो उनमें और भी बदलाव आ सकता है। उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में माहौल हल्का-फुल्का और राजनीतिक दोनों नजर आया।

विधानसभा में हुई चर्चा

मंगलवार को विधानसभा में डिप्टी स्पीकर के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विपक्ष के नेताओं की आलोचनाओं का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि वह बीजेपी विधायक आर. अशोक और उनकी टीम के बयानों से परेशान हो चुके हैं। शिवकुमार ने कहा कि विपक्ष उन्हें बार-बार ‘बागी’ कहता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि उनकी पूरी बात सुनने के बाद कोई प्रतिक्रिया दी जाए तो बात समझ में आती है, लेकिन बिना सुने केवल विरोध करना उचित नहीं है।

शिवकुमार ने विपक्ष पर साधा निशाना

डीके शिवकुमार ने सदन में कहा कि लोकतंत्र में बातचीत और बहस का महत्व होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से पहले पूरी बात सुनना जरूरी है।

उन्होंने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर केवल नारेबाजी और विरोध किया जाएगा तो इससे किसी समस्या का समाधान नहीं निकलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राज्य के विकास और जनता के हित में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सुनील कुमार की टिप्पणी से माहौल बदला

इस दौरान बीजेपी विधायक सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री शिवकुमार की बात पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "नमस्ते सदा वत्सले कहने से ही आप इतने बदल गए हैं। अगर आप इसे पूरा बोलेंगे, तो न जाने कितना और बदल जाएंगे।"

उन्होंने मुख्यमंत्री के आध्यात्मिक झुकाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि वह वेदांती हैं।

सुनील कुमार ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री पद उनके लिए बना है या नहीं, इस पर भी टिप्पणी की। उनकी इस बात ने सदन में राजनीतिक माहौल को और दिलचस्प बना दिया।

‘नमस्ते सदा वत्सले’ को लेकर चर्चा

‘नमस्ते सदा वत्सले’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रार्थना की शुरुआती पंक्ति है। बीजेपी विधायक द्वारा इस संदर्भ का इस्तेमाल राजनीतिक टिप्पणी के रूप में किया गया।

सुनील कुमार का इशारा मुख्यमंत्री शिवकुमार के हाल के कुछ बयानों और गतिविधियों की ओर था, जिन्हें उन्होंने बदलाव से जोड़कर पेश किया।

सत्ता पक्ष और विपक्ष में जारी बहस

कर्नाटक विधानसभा में सत्ता पक्ष कांग्रेस और विपक्ष बीजेपी के बीच कई मुद्दों पर लगातार बहस होती रही है। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीतिक आरोप लगाते रहे हैं।

डिप्टी स्पीकर चुनाव के दौरान भी नेताओं ने अपने-अपने विचार रखे और इसी दौरान यह टिप्पणी सामने आई।

शिवकुमार का राजनीतिक अंदाज चर्चा में

डीके शिवकुमार कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं। उनके बयान अक्सर राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बनते रहे हैं।

विधानसभा में भी उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।

बयान पर राजनीतिक चर्चा

सुनील कुमार की टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। बीजेपी नेताओं ने जहां इसे विपक्ष की ओर से की गई राजनीतिक टिप्पणी बताया, वहीं कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि यह सदन की बहस का सामान्य हिस्सा था।

फिलहाल यह मामला किसी बड़े विवाद में बदलता नजर नहीं आ रहा, लेकिन विधानसभा की इस बहस ने राजनीतिक गलियारों में जरूर चर्चा पैदा कर दी है।

आगे भी जारी रह सकती है बयानबाजी

कर्नाटक की राजनीति में कांग्रेस और बीजेपी के बीच वैचारिक और राजनीतिक मतभेद लगातार सामने आते रहे हैं। आने वाले दिनों में भी विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।

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