
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस सरकार पर फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से पेट्रोल व डीजल पर वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) कम करने की मांग की है।
BJP नेता आर. अशोक ने दावा किया है कि कर्नाटक में पेट्रोल और डीजल की कीमतें दिल्ली सहित कई अन्य राज्यों की तुलना में अधिक हैं, जिसका कारण राज्य सरकार द्वारा लगाया गया ऊंचा VAT है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता को राहत देने के बजाय अतिरिक्त टैक्स वसूला जा रहा है।
बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान आर. अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए अतिरिक्त राजस्व (रेवेन्यू) जुटा रही है। उनके अनुसार, राज्य सरकार VAT कम करने के बजाय केंद्र सरकार पर आरोप लगा रही है, जबकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से केंद्र को कोई अतिरिक्त राजस्व प्राप्त नहीं होता।
उन्होंने आगे दावा किया कि फ्यूल से मिलने वाले अतिरिक्त राजस्व का उपयोग राज्य सरकार अपनी गारंटी योजनाओं के लिए कर रही है। आर. अशोक के अनुसार, इस बढ़ोतरी से कर्नाटक सरकार को हर साल लगभग 6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो रहा है।
विपक्ष का कहना है कि इस नीति से आम जनता पर सीधा बोझ बढ़ रहा है और सरकार को तत्काल VAT में कटौती करनी चाहिए ताकि ईंधन की कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
वहीं, कांग्रेस की ओर से इस आरोप पर अब तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी पहले भी कह चुकी है कि राज्य की विकास योजनाओं और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के लिए संसाधनों की आवश्यकता होती है।
फिलहाल फ्यूल प्राइस को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जिससे राज्य की राजनीति में माहौल और अधिक गर्म हो गया है।





