कर्नाटक

पुलिस भर्ती परीक्षा विवाद: प्रियांक खरगे बोले- नियमों की गलतफहमी से हुआ हंगामा, जरूरत पड़ी तो कार्रवाई होगी

SHIDDHANT
3 Aug 2026 9:38 PM IST
पुलिस भर्ती परीक्षा विवाद: प्रियांक खरगे बोले- नियमों की गलतफहमी से हुआ हंगामा, जरूरत पड़ी तो कार्रवाई होगी
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Karnataka कर्नाटक। राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर उठे विवाद के बीच कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि कुछ उम्मीदवारों के बीच ओएमआर शीट के सीरियल नंबर और प्रश्न पत्र के सीरियल नंबर को लेकर गलतफहमी पैदा हुई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ी। प्रियांक खरगे ने कहा कि उम्मीदवारों को यह भ्रम था कि ओएमआर सीरियल नंबर और क्वेश्चन बैंक सीरियल नंबर एक जैसे होने चाहिए, जबकि ऐसा कोई नियम नहीं था। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में इस तरह की कोई अनिवार्यता निर्धारित नहीं की गई थी।
गृह मंत्री ने बताया कि कुछ उम्मीदवारों को लगा कि यह नियम जरूरी है और इसी कारण वे परीक्षा केंद्र से बाहर चले गए। उन्होंने कहा कि एक बार उम्मीदवार परीक्षा केंद्र से बाहर निकल जाते हैं तो उन्हें दोबारा अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि ओएमआर शीट लेकर परिसर से बाहर जाने के बाद वापस परीक्षा देने की अनुमति देना नियमों के खिलाफ होता। प्रियांक खरगे ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और यह जिम्मेदारी उन सभी उम्मीदवारों के प्रति है जो शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति परीक्षा केंद्र में हंगामा करता है, गेट पर तोड़फोड़ करता है या संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो प्रशासन को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि इसी कारण कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। इस्तीफे की मांग को लेकर प्रियांक खरगे ने कहा कि वह जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस्तीफा देना पड़ा तो वह देंगे, लेकिन इससे पहले सरकार की जिम्मेदारियों को पूरा करना जरूरी है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह पहले उम्मीदवारों को लंबे समय तक भूख हड़ताल करने देंगे, उन पर कार्रवाई होने देंगे और उसके बाद इस्तीफा देंगे। उनके इस बयान को विपक्ष पर पलटवार के रूप में देखा जा रहा है। राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों की शिकायतों और प्रदर्शन के बाद यह मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया है। विपक्ष सरकार पर परीक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि नियमों के अनुसार ही परीक्षा आयोजित की गई। मामले को लेकर आगे की जांच और समीक्षा जारी है। सरकार का कहना है कि योग्य उम्मीदवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाए जाएंगे।
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