
कलबुर्गी। कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पुलिस कॉन्स्टेबलों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी एक ‘राउडी शीटर’ (हिस्ट्रीशीटर) को शहर से बाहर निकालने की धमकी देकर उससे पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए दोनों कॉन्स्टेबलों की पहचान ब्रह्मपुर पुलिस स्टेशन में तैनात परशुराम और वीरेश के रूप में हुई है। लोकायुक्त की टीम ने यह कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद की।
डिपोर्टेशन की धमकी देकर मांगी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, पुलिस कॉन्स्टेबल परशुराम और वीरेश ने कथित तौर पर राउडी शीटर खन्ना पटेल को धमकाया था।
आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने उसे चेतावनी दी कि यदि उसने उनकी मांग के अनुसार पैसे नहीं दिए तो उसे शहर से बाहर भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
डिपोर्टेशन की धमकी से दबाव बनाकर दोनों ने खन्ना पटेल से रिश्वत की मांग की।
पहले ली गई 50 हजार रुपये की रकम
बताया जा रहा है कि आरोपित पुलिसकर्मियों ने शुरुआत में खन्ना पटेल से 50 हजार रुपये की रिश्वत ली थी।
इसके बाद भी उनकी मांग खत्म नहीं हुई और उन्होंने कथित तौर पर इतनी ही रकम की दोबारा मांग कर दी।
दूसरी बार रिश्वत मांगने के बाद पीड़ित ने मामले की जानकारी लोकायुक्त अधिकारियों को दी।
शिकायत के बाद बनाई गई योजना
मामले की जानकारी मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जांच शुरू की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद आरोपित पुलिसकर्मियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।
लोकायुक्त एसपी सिद्दाराज के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई की योजना तैयार की गई।
इसके बाद तय रणनीति के तहत दोनों कॉन्स्टेबलों को रिश्वत लेते हुए पकड़ने की तैयारी की गई।
रंगे हाथों पकड़े गए दोनों कॉन्स्टेबल
लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों से पूछताछ की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
दो पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि पुलिसकर्मियों का काम कानून व्यवस्था बनाए रखना है, न कि किसी व्यक्ति को धमकाकर अवैध रूप से पैसे लेना।
रिश्वत और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान
कर्नाटक लोकायुक्त समय-समय पर भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करता रहा है।
ऐसे मामलों में शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम सत्यापन करती है और इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाती है।
इस मामले में भी शिकायत की पुष्टि के बाद ट्रैप ऑपरेशन चलाया गया।
आगे की जांच जारी
फिलहाल दोनों गिरफ्तार कॉन्स्टेबलों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
लोकायुक्त यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या इससे पहले भी दोनों ने किसी अन्य व्यक्ति से इसी तरह रिश्वत ली थी।
इसके अलावा मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कलबुर्गी में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत मिलने पर जांच एजेंसियां सक्रिय होकर कार्रवाई कर रही हैं। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।





