कर्नाटक

POCSO जांच में खुलासा: बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Kavita2
28 July 2026 12:01 PM IST
POCSO जांच में खुलासा: बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
x

कर्नाटक : हुबली-धारवाड़ क्षेत्र में पुलिस ने एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए बच्चों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह मामला एक POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) केस की जांच के दौरान सामने आया, जिसमें पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर बच्चों की खरीद-फरोख्त और अवैध तरीके से उन्हें दूसरे लोगों को सौंपने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अब्दुल करीम सौदागर, ज़ियाउल नसावाले और मंजूनाथ सुरंगकर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन लोगों की भूमिका बच्चों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क में सामने आई है। मामले की जांच आगे भी जारी है और पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

पुलिस को इस पूरे मामले का सुराग उस समय मिला, जब एक 15 वर्षीय POCSO पीड़िता के मामले की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पीड़िता दूसरी बार गर्भवती है। इस जानकारी के बाद पुलिस ने परिवार से उसके पहले बच्चे के बारे में पूछताछ की। परिवार ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि बच्चा इलाज के लिए बाहर गया हुआ है।

हालांकि, पुलिस को परिवार के जवाबों पर संदेह हुआ। इसके बाद अधिकारियों ने मामले की गहन जांच शुरू की और परिवार से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सामने आया कि पहले जन्मे बच्चे को कथित तौर पर बिचौलियों के माध्यम से बेच दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले को केवल POCSO अपराध तक सीमित न रखते हुए बच्चों की तस्करी के एंगल से भी जांच शुरू की।

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने कथित रूप से बच्चों को अवैध तरीके से दूसरों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का विस्तार कहां तक है और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक नाबालिग पीड़िता और उसके बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कई पहलू सामने आए हैं। POCSO कानून के तहत नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों को बेहद गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास और न्याय सुनिश्चित करना पुलिस और प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी होती है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्चों की तस्करी का यह काम कब से चल रहा था और क्या पहले भी इस तरह के मामलों को अंजाम दिया गया है। साथ ही, पुलिस उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है जो इस गिरोह से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हो सकते हैं।

मामले के सामने आने के बाद इलाके में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए समाज, परिवार और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

हुबली-धारवाड़ पुलिस की कार्रवाई को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, पीड़िता और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस जांच के आधार पर और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Next Story