
कर्नाटक। कावेरी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में हनूर गोलीबारी की घटना के लगभग तीन हफ्ते बाद अब MM हिल्स वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में अवैध शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने शिकारियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 1 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे हनूर वाइल्डलाइफ सब-डिवीजन के हनूर बफर रेंज में उदुथोरेहल्ली जलाशय के डैम गेट के पास हुई। गश्त कर रही एंटी-पोचिंग टीम ने संदिग्ध गतिविधि महसूस की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
गश्त के दौरान सुनाई दी संदिग्ध आवाज
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एंटी-पोचिंग कैंप के कर्मचारी रात के समय क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कुछ संदिग्ध आवाजें सुनाई दीं।
आवाज की दिशा में जब वनकर्मी पहुंचे तो उन्होंने चार लोगों को देखा। ये लोग अपने सिर पर बैग और बोरियां उठाए हुए थे और वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे।
वन कर्मचारियों को देखकर संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया।
वनकर्मियों की पकड़ से बच निकले शिकारी
एंटी-पोचिंग टीम ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर चारों लोग मौके से फरार हो गए।
भागते समय आरोपी अपने साथ मौजूद बैग और बोरियां वहीं छोड़ गए।
इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर छोड़े गए सामान की जांच की, जिसमें अवैध शिकार का मामला सामने आया।
बोरियों में मिले सांभर हिरण के टुकड़े
वन अधिकारियों के अनुसार, जब बोरियां खोली गईं तो उसमें सांभर हिरण के कटे हुए अवशेष मिले।
जांच के दौरान सांभर हिरण का सिर भी बरामद किया गया। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने बताया कि सांभर हिरण वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची-1 (Schedule-1) प्रजाति में आता है।
ऐसे संरक्षित वन्यजीव का शिकार गंभीर अपराध माना जाता है।
वन विभाग ने शुरू की जांच
घटना के बाद वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फरार शिकारियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मौके से मिले सबूतों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
पहले भी सामने आई थी गोलीबारी की घटना
MM हिल्स वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ समय पहले कावेरी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के हनूर क्षेत्र में गोलीबारी की घटना हुई थी।
उस घटना के बाद वन विभाग ने जंगल क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाने की बात कही थी। इसके बावजूद अब एक बार फिर शिकार का मामला सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
जंगलों में बढ़ाई जाएगी निगरानी
वन अधिकारियों का कहना है कि संरक्षित क्षेत्रों में अवैध शिकार रोकने के लिए एंटी-पोचिंग टीम लगातार काम कर रही है।
रात के समय जंगलों में गश्त बढ़ाई जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और स्थानीय स्तर की निगरानी व्यवस्था का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
वन्यजीव संरक्षण के लिए चुनौती
सांभर जैसे संरक्षित वन्यजीवों का शिकार जैव विविधता के लिए बड़ा खतरा माना जाता है। वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूर-दराज के जंगल क्षेत्रों में सक्रिय शिकारियों पर रोक लगाना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध शिकार रोकने के लिए केवल गश्त ही नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी जरूरी है।
आरोपियों की तलाश जारी
फिलहाल वन विभाग फरार चारों आरोपियों की तलाश में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
MM हिल्स वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में सांभर हिरण के शिकार की यह घटना वन विभाग के लिए गंभीर चुनौती बनकर सामने आई है। अब देखना होगा कि जांच के बाद कितनी जल्दी शिकारी गिरोह तक पहुंचा जा सकता है।





