
Karnataka कर्नाटक: प्रधानमंत्री Narendra Modi 10 मई को कर्नाटक के बेंगलुरु शहर का दौरा करेंगे। इस दौरान उनके Bengaluru स्थित कनकपुरा रोड पर जाने की भी संभावना है, जहां वे Art of Living International Center पहुंचेंगे। यह दौरा संस्थान के विशेष कार्यक्रमों के बीच आयोजित किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी अपने इस दौरे में आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में होने वाले एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे आश्रम परिसर में तैयार किए गए एक नए मेडिटेशन हॉल का उद्घाटन करेंगे। यह हॉल योग और ध्यान (मेडिटेशन) की गतिविधियों के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है, जहां साधकों को शांत और अनुकूल वातावरण में अभ्यास की सुविधा मिलेगी।
इस वर्ष आर्ट ऑफ लिविंग संस्थान अपनी 45वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस विशेष अवसर को और भी महत्वपूर्ण बनाने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। संस्थान की स्थापना के बाद से यह संगठन योग, ध्यान और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
इसी मौके पर संस्थान के संस्थापक Sri Sri Ravi Shankar का 70वां जन्मदिन भी मनाया जा रहा है। इस अवसर को ध्यान में रखते हुए आश्रम परिसर में विशेष आयोजन और कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार की गई है। इन कार्यक्रमों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में अनुयायियों और साधकों के शामिल होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि सभी आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। इसके अलावा, आश्रम परिसर में आने वाले अतिथियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है।
आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर लंबे समय से योग और ध्यान के वैश्विक प्रचार-प्रसार का केंद्र रहा है। यहां नियमित रूप से देश-विदेश से लोग ध्यान और योग सीखने के लिए आते हैं। नया मेडिटेशन हॉल इस उद्देश्य को और मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है, जिससे अधिक लोगों को एक साथ अभ्यास की सुविधा मिल सके।
प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल आध्यात्मिक और योग से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर भारत की योग और ध्यान परंपरा को प्रदर्शित करने के रूप में भी देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, 10 मई का यह कार्यक्रम बेंगलुरु में होने वाले प्रमुख आयोजनों में से एक होगा, जिसमें आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं का संगम देखने को मिलेगा।





