कर्नाटक

Bengaluru के औद्योगिक क्षेत्रों को कावेरी जल आपूर्ति की योजना

Kavita2
21 May 2026 12:49 PM IST
Bengaluru के औद्योगिक क्षेत्रों को कावेरी जल आपूर्ति की योजना
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु के आसपास स्थित औद्योगिक क्षेत्रों में कावेरी नदी का पानी पहुंचाने के लिए एक नई योजना तैयार की है। इस योजना का उद्देश्य उद्योगों की बढ़ती जल जरूरतों को पूरा करना और जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।

बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री M. B. Patil ने जानकारी देते हुए बताया कि चामराजनगर जिले के कोल्लेगल तालुका में स्थित अगर और मद्दूर झीलों की जल भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत मानसून के दौरान कावेरी नदी का अतिरिक्त पानी इन झीलों में संग्रहित किया जाएगा और बाद में इसे औद्योगिक उपयोग के लिए आपूर्ति किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि इस परियोजना पर कोल्लेगल के विधायक A. R. Krishnamurthy के साथ खनिज भवन में बैठक की गई, जिसमें योजना के विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान स्थानीय किसानों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर भी विस्तार से विचार किया गया।

सरकार ने किसानों की आशंकाओं को दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे जल्द ही स्थानीय किसानों के साथ एक अलग बैठक आयोजित करें, ताकि उनकी समस्याओं और सुझावों को समझा जा सके और समाधान निकाला जा सके।

मंत्री एम.बी. पाटिल ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना से किसानों के हितों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार केवल उसी पानी का उपयोग करेगी, जिसे कावेरी ट्रिब्यूनल द्वारा औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित किया गया है। कृषि उपयोग के लिए निर्धारित पानी को इस परियोजना में शामिल नहीं किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना जल संसाधनों के कुशल उपयोग और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेंगलुरु के आसपास तेजी से बढ़ते औद्योगिक क्षेत्रों को स्थिर जल आपूर्ति उपलब्ध कराना इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से क्षेत्र में उद्योगों को निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे निवेश और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि की संभावना है।

हालांकि, कुछ किसान संगठनों ने पहले ही इस तरह की परियोजनाओं पर चिंता जताई है, जिसके चलते सरकार ने संवाद और पारदर्शिता पर जोर दिया है। आने वाले समय में किसानों के साथ होने वाली बैठकों के बाद इस परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

कुल मिलाकर, यह योजना औद्योगिक विकास और जल संसाधन प्रबंधन के बीच संतुलन स्थापित करने की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

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