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प्रज्वल रेवन्ना के फोन की फोरेंसिक जांच में चौंकाने वाला दावा
बेंगलुरु: रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे एक मोबाइल फोन की जांच में कई अश्लील वीडियो मिलने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब्त फोन में दर्जनों पॉर्न वीडियो पाए गए हैं। मीडिया रिपोर्टों में इनकी संख्या 90 से अधिक बताई गई है। हालांकि फोन में वीडियो मिलने से यह अपने-आप साबित नहीं होता कि रेवन्ना उन्हें देख रहे थे; डिवाइस के इस्तेमाल और डिजिटल सामग्री की जांच जारी है।
11 अगस्त की छापेमारी में मिला था फोन
मामले की शुरुआत 11 अगस्त को हुई थी। सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने जेल के हाई-सिक्योरिटी हिस्से में अचानक तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान प्रज्वल रेवन्ना और उनके तत्कालीन सेलमेट प्रताप राय की सेल से एक 5G स्मार्टफोन, चार्जर, पेन ड्राइव और नोटबुक बरामद हुई थी। पुलिस के अनुसार फोन में WhatsApp, Facebook, Instagram, Netflix और Amazon Prime Video जैसे ऐप भी मौजूद थे और कुछ ऐप पासवर्ड से सुरक्षित थे।
फोन में मिले अश्लील वीडियो
डिजिटल जांच में फोन के भीतर कई अश्लील वीडियो मिलने का दावा किया गया। शुरुआती रिपोर्टों में करीब 80 से 90 और बाद की रिपोर्टों में 90 से ज्यादा पॉर्न वीडियो होने की बात कही गई। जांच एजेंसियों के लिए अब अहम सवाल यह है कि ये वीडियो फोन में कब और कैसे आए तथा डिवाइस का वास्तविक इस्तेमाल किसने किया।
प्रज्वल और प्रताप राय से फोन के संबंध में पूछताछ भी की गई। पहले की जांच में प्रताप राय ने कथित तौर पर मोबाइल फोन, चार्जर और पेन ड्राइव अपना बताया था। वहीं अधिकारियों ने मामले में जेल कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी जांच शुरू की।
एक लाख रुपये में फोन-सिम पहुंचाने का आरोप
जांच आगे बढ़ने के साथ जेल के भीतर मोबाइल पहुंचाने के कथित नेटवर्क का भी खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक प्रज्वल रेवन्ना के लिए फोन, सिम, चार्जर और पेन ड्राइव पहुंचाने के मामले में जेल कर्मचारी समेत कई लोगों की भूमिका सामने आई है। एक रिपोर्ट के अनुसार इन सामानों के लिए करीब एक लाख रुपये दिए जाने का आरोप है।
इससे भी बड़ा खुलासा जेल के अंदर चल रहे कथित मोबाइल तस्करी नेटवर्क को लेकर हुआ। जांच में सामने आया कि करीब 10 हजार रुपये कीमत वाले कुछ फोन जेल के भीतर दो लाख रुपये तक में बेचे जा रहे थे। मामले में जेल कर्मचारियों और कैदियों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कोर्ट ने पुलिस कस्टडी में भेजा
मोबाइल फोन इस्तेमाल से जुड़े मामले में प्रज्वल रेवन्ना और प्रताप राय को बेंगलुरु की अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने दोनों को पूछताछ के लिए दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा। प्रज्वल को इस मामले में आरोपी नंबर दो और प्रताप राय को आरोपी नंबर एक बनाया गया है।
प्रज्वल रेवन्ना पहले से ही रेप के मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। अब जेल के हाई-सिक्योरिटी हिस्से में प्रतिबंधित मोबाइल मिलने और उसमें आपत्तिजनक सामग्री पाए जाने से जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फोन अंदर किस रास्ते से पहुंचा, इसका इस्तेमाल किस-किसने किया और इसमें जेल कर्मचारियों की भूमिका कितनी थी।
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