
सिंधनूर : कर्नाटक के रायचूर जिले के सिंधनूर तालुक में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में 18 महीने की बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर चिंता जताई है।
यह घटना सिंधनूर तालुक के के. हंचिकाला कैंप क्षेत्र में हुई। मृत बच्ची की पहचान अब्दुल रज़ाक और नदाफ की 18 महीने की बेटी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बच्ची अपने घर के सामने खेल रही थी, तभी अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया।
घर से बाहर निकली बच्ची पर हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, घटना के समय बच्ची घर में सो रही थी। परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी नहीं थी कि वह कब उठकर घर से बाहर आ गई।
घर के बाहर पहुंचने के बाद बच्ची सड़क पर खेल रही थी। इसी दौरान पास में स्थित एक चिकन शॉप के आसपास जमा हुए आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक उस पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्तों ने बच्ची को घेर लिया और उसे बुरी तरह काट लिया। हमले के दौरान कुत्तों ने बच्ची को घसीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
चीख सुनकर मौके पर पहुंचे माता-पिता
बच्ची की चीख सुनकर उसके माता-पिता तुरंत घर से बाहर आए। उन्होंने देखा कि बच्ची पर आवारा कुत्तों का हमला हो रहा है।
परिवार और आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया और बच्ची को बचाया। इसके बाद गंभीर हालत में उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
परिवार के लिए यह घटना बेहद दर्दनाक रही, क्योंकि कुछ ही समय में खेल रही बच्ची की हालत गंभीर हो गई।
अस्पताल ले जाते समय हुई मौत
घायल बच्ची को सबसे पहले सिंधनूर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रायचूर स्थित RIMS अस्पताल रेफर करने की सलाह दी।
इसके बाद परिवार बच्ची को लेकर रायचूर के लिए रवाना हुआ, लेकिन दुर्भाग्य से रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
बच्ची की मौत की खबर से परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।
आवारा कुत्तों की समस्या पर उठे सवाल
इस घटना के बाद क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है और कई बार वे लोगों पर हमला कर चुके हैं।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से इलाके में अभियान चलाने और आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले कुत्तों के झुंड लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं। ऐसे में समय रहते उचित कदम उठाना जरूरी है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
आवारा जानवरों के हमलों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चे ऐसे हमलों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं क्योंकि वे खतरे को पहचानने और बचाव करने में सक्षम नहीं होते।
ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी माना जाता है।
दर्दनाक घटना ने झकझोरा
सिंधनूर तालुक में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। डेढ़ साल की बच्ची की मौत से परिवार गहरे सदमे में है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए जल्द कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।





