कर्नाटक

सऊदी अरब में फंसे 500 से ज्यादा भारतीय उमराह यात्री, उड़ानें रद्द होने से बढ़ी परेशानी

Kavita2
23 Oct 2026 12:46 PM IST
सऊदी अरब में फंसे 500 से ज्यादा भारतीय उमराह यात्री, उड़ानें रद्द होने से बढ़ी परेशानी
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मंगलुरु। पश्चिम एशिया में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सऊदी अरब से उड़ानों के लगातार रद्द होने के कारण भारतीय उमराह यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तटीय कर्नाटक और पड़ोसी केरल के कासरगोड जिले से धार्मिक यात्रा पर गए करीब 500 से अधिक यात्री सऊदी अरब में उड़ानों की बाधाओं से प्रभावित हुए हैं। इनमें दक्षिण कन्नड़, उडुपी, चिक्कमगलुरु और कासरगोड के लोग शामिल हैं। कई यात्रियों की निर्धारित 15 दिन की यात्रा पूरी हो चुकी है, लेकिन उड़ानें रद्द होने से उनकी स्वदेश वापसी प्रभावित हुई है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय टूर ऑपरेटरों और राजनीतिक नेताओं ने केंद्र तथा राज्य सरकारों से हस्तक्षेप करने की मांग की है। हालांकि, यात्रियों की वापसी अलग-अलग उड़ानों से जारी है और सभी 500 यात्रियों के अभी भी सऊदी अरब में फंसे होने की ताजा पुष्टि नहीं हुई है।

उमराह यात्रा पूरी होने के बाद भी घर नहीं लौट पा रहे लोग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तटीय कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु 20 सितंबर के बाद मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सऊदी अरब के लिए रवाना हुए थे।

यात्रियों ने मक्का और मदीना में धार्मिक गतिविधियां पूरी कीं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारत लौटने की तैयारी कर रहे थे।

लेकिन पश्चिम एशिया में सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां बिगड़ने और विमान सेवाएं बाधित होने से उनकी वापसी प्रभावित हुई।

कई यात्रियों की होटल बुकिंग केवल 15 दिन के लिए थी। उड़ानें रद्द होने के कारण उन्हें अतिरिक्त दिनों तक सऊदी अरब में रुकना पड़ा।

टूर ऑपरेटरों के अनुसार, होटल में ठहरने की अवधि बढ़ाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन इससे यात्रियों और ट्रैवल एजेंसियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

उड़ानें रद्द होने से बढ़ी यात्रियों की चिंता

सऊदी अरब में हाल के दिनों में हुए हमलों और क्षेत्रीय तनाव के कारण कई विमानन कंपनियों ने अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से स्थगित की हैं।

इसका असर जेद्दा, मदीना, दम्माम और रियाद से भारत आने-जाने वाली उड़ानों पर पड़ा है।

कई यात्रियों को अपनी वापसी की उड़ान रद्द होने के बाद दूसरी उड़ानों में टिकट प्राप्त करने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

कुछ लोगों ने वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करते हुए कतर और अन्य देशों के रास्ते भारत लौटने का विकल्प चुना है।

हालांकि, इन विकल्पों में यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।

खाने-पीने और होटल का खर्च बना बड़ी परेशानी

सऊदी अरब में अतिरिक्त दिनों तक रुकने के कारण यात्रियों के सामने भोजन और आवास की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गया है।

स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुसार, भारतीय रुपये और सऊदी रियाल की विनिमय दर के कारण दैनिक खर्च अधिक महसूस हो रहा है।

कुछ यात्रियों पर भोजन के लिए लगभग 1,500 रुपये प्रतिदिन खर्च होने की बात कही गई है।

इस संबंध में सहायता की आवश्यकता भी जताई गई है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

टूर ऑपरेटरों का कहना है कि यात्रा की मूल अवधि समाप्त होने के बाद होटल, भोजन और दूसरे खर्चों की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है।

यूटी खादर ने मदद का दिया भरोसा

कर्नाटक के वरिष्ठ नेता यूटी खादर ने फंसे हुए उमराह यात्रियों की स्थिति पर चिंता जताते हुए सहायता का भरोसा दिया है।

उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी यात्रियों के संपर्क में हैं और उनकी समस्याओं की जानकारी ली जा रही है।

उनके अनुसार, हज समिति से जुड़े पदाधिकारियों और अन्य अधिकारियों ने भी सऊदी अरब में प्रभावित यात्रियों से संपर्क कर उनकी जरूरतों की जानकारी ली है।

यात्रियों के भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

टूर ऑपरेटरों ने सरकार से की अपील

दक्षिण कन्नड़ हज उमराह प्राइवेट टूर ऑर्गेनाइजर्स एसोसिएशन ने केंद्र और कर्नाटक सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

एसोसिएशन के उपाध्यक्ष उस्मान सादी पट्टोरी ने बताया कि उड़ानों के बाधित होने के कारण यात्रियों की निर्धारित वापसी प्रभावित हुई है।

उन्होंने सरकार से विमानन कंपनियों और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर यात्रियों को सुरक्षित भारत वापस लाने का आग्रह किया।

एसोसिएशन ने टिकट रिफंड और होटल बुकिंग के अग्रिम भुगतान से जुड़ी परेशानियों का मुद्दा भी उठाया है।

टूर एजेंसियों का कहना है कि अचानक उड़ानें रद्द होने से आर्थिक नुकसान हुआ है और यात्रियों की अतिरिक्त जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधनों की आवश्यकता पड़ रही है।

विदेश मंत्रालय ने तेज किए वापसी के प्रयास

भारत सरकार ने भी सऊदी अरब में प्रभावित उमराह यात्रियों की वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास तेज किए हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 22 अक्टूबर को बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास संबंधित विमानन कंपनियों तथा टूर ऑपरेटरों के संपर्क में हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के दौरान लगभग 3,000 फंसे हुए उमराह यात्री उपलब्ध उड़ानों के माध्यम से भारत लौट चुके हैं।

इसके अतिरिक्त नियमित यात्रा कार्यक्रम के तहत 10 हजार से अधिक उमराह यात्री भी भारत वापस आए हैं।

मंत्रालय ने कहा कि बाकी यात्रियों की जल्द वापसी के लिए भी व्यवस्था की जा रही है।

भारतीय दूतावास ने स्थापित किए नियंत्रण कक्ष

भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित महावाणिज्य दूतावास में 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।

भारतीय दूतावास, रियाद के सहायता नंबर +966-554412016 और +966-542126784 हैं। सऊदी अरब के भीतर टोल-फ्री नंबर 8002471234 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने +966-12-2614093 और +966-556122301 नंबर जारी किए हैं।

विदेश मंत्रालय ने यात्रियों को अपनी उड़ानों की स्थिति की पुष्टि करने और स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा संबंधी सलाह का पालन करने को कहा है।

एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानें प्रभावित

विदेश मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने सऊदी अरब के लिए अपनी कुछ उड़ान सेवाएं 24 अक्टूबर तक स्थगित रखी हैं।

वहीं अकासा एयर ने अपनी सेवाएं 27 अक्टूबर तक स्थगित करने की जानकारी दी है।

हालांकि, सऊदी अरब के जेद्दा, मदीना और दम्माम हवाई अड्डे पूरी तरह बंद नहीं हैं। कुछ उड़ान सेवाएं जारी हैं।

सऊदी अरब की विमानन कंपनियों सऊदिया और फ्लाइनास के माध्यम से वैकल्पिक यात्रा के विकल्प उपलब्ध हैं।

इसलिए यात्रियों को अपनी टिकट और उड़ान की स्थिति संबंधित एयरलाइन से सीधे जांचने की सलाह दी गई है।

परिवारों की चिंता, सुरक्षित वापसी का इंतजार

तटीय कर्नाटक और कासरगोड के अनेक परिवार अपने रिश्तेदारों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

अचानक उड़ानें रद्द होने के कारण यात्रियों की यात्रा योजना बदल गई है। इसका असर उनके रोजगार, पारिवारिक जिम्मेदारियों और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है।

विशेष रूप से बुजुर्ग और स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता वाले यात्रियों के लिए लंबे समय तक विदेश में रुकना कठिन हो सकता है।

ऐसे यात्रियों को भोजन, दवाइयों, आवास और यात्रा संबंधी जानकारी समय पर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।

वापसी की व्यवस्था पर टिकी निगाहें

सऊदी अरब में फंसे भारतीय उमराह यात्रियों की वापसी के लिए सरकार, भारतीय राजनयिक मिशन, विमानन कंपनियां और निजी टूर ऑपरेटर समन्वय कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में यात्री भारत लौट चुके हैं, जबकि अन्य प्रभावित यात्रियों की वापसी के प्रयास जारी हैं।

हालांकि, तटीय कर्नाटक और कासरगोड से गए सभी प्रभावित यात्रियों की वापसी कब तक पूरी होगी, इसकी निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है।

फिलहाल यात्रियों और उनके परिजनों की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि विमान सेवाएं सामान्य हों और सभी लोग सुरक्षित अपने घर लौट सकें।

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