कर्नाटक

त्योहारों से पहले प्याज के दाम में लगी आग 100 रुपये किलो तक पहुंचने की आशंका

Kavita2
27 Aug 2026 3:02 PM IST
त्योहारों से पहले प्याज के दाम में लगी आग 100 रुपये किलो तक पहुंचने की आशंका
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शिवमोगा : आने वाले त्योहारों से पहले प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में प्याज के भाव लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। व्यापारियों का अनुमान है कि अगले महीने होने वाले गौरी-गणेश त्योहार तक प्याज की कीमत 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। अगर बाजार में प्याज की आवक नहीं बढ़ी तो आने वाले दिनों में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।

फिलहाल प्याज की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। थोक बाजार में जहां कुछ समय पहले प्याज 25 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर करीब 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। थोक बाजार में दाम दोगुने होने का असर खुदरा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। ग्राहकों को फिलहाल प्याज करीब 65 रुपये प्रति किलो तक खरीदना पड़ रहा है।

त्योहारों के कारण बढ़ेगी प्याज की मांग

अगले महीने से देशभर में कई बड़े त्योहार शुरू होने वाले हैं। गौरी-गणेश उत्सव के दौरान बाजार में खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। इस दौरान घरों में पकवान और अन्य व्यंजनों की तैयारी के कारण प्याज की खपत भी बढ़ने की संभावना है।

व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के समय अगर बाजार में प्याज की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हुई तो कीमतों में और तेजी आ सकती है। बढ़ती मांग और कम आवक के बीच प्याज के भाव पर दबाव बना रहेगा।

सरकार के प्रयासों का नहीं दिख रहा असर

प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सरकार ने प्याज का भंडारण कर बाजार में उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश की है। इसके अलावा बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए भी कई योजनाएं लागू की गई हैं।

हालांकि इन प्रयासों का असर अभी तक बाजार में उम्मीद के मुताबिक नजर नहीं आ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि सरकार की ओर से खरीदी गई प्याज की मात्रा बाजार की जरूरत के मुकाबले काफी कम है, जिससे कीमतों में गिरावट नहीं आ रही है।

सरकारी खरीद पर्याप्त नहीं

प्याज के थोक व्यापारी मनोहर गौड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खरीदी गई प्याज की मात्रा आम जनता की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि बाजार में जितनी जरूरत है, उसके मुकाबले सरकारी खरीद काफी कम है।

उन्होंने बताया कि मौजूदा स्थिति में प्याज की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। अगर सरकार की ओर से अतिरिक्त प्याज बाजार में नहीं उतारी गई तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।

बारिश की कमी से प्रभावित होगी नई फसल

व्यापारियों के अनुसार इस बार बारिश की कमी के कारण प्याज उत्पादन प्रभावित हुआ है। राज्य के प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से नई फसल की आवक कमजोर रहने की संभावना जताई जा रही है।

नई प्याज की आवक कम होने से बाजार में पुराने स्टॉक पर निर्भरता बढ़ सकती है। इससे कीमतों में और तेजी आने की संभावना है। व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द ही उत्पादन क्षेत्रों से प्याज की आवक शुरू नहीं हुई तो त्योहारों तक स्थिति और गंभीर हो सकती है।

रसोई का बजट बिगड़ा

प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाली प्याज अब कई परिवारों के लिए महंगी साबित हो रही है। पहले से ही खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों पर प्याज की महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

गृहिणियों का कहना है कि सब्जियों और अन्य जरूरी सामानों के साथ प्याज के दाम बढ़ने से महीने का बजट बिगड़ रहा है। त्योहारों के समय जब खर्च बढ़ जाता है, उस दौरान प्याज की कीमतों में तेजी लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है।

त्योहार तक कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका

मनोहर गौड़ा ने कहा कि गौरी-गणेश त्योहार तक प्याज की कीमतों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कम बारिश, उत्पादन में कमी और बाजार में सीमित आवक के कारण प्याज के दाम नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ सप्ताह प्याज की कीमतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। अगर नई फसल की आवक नहीं बढ़ी और सरकारी प्रयासों से बाजार में पर्याप्त प्याज उपलब्ध नहीं हुई तो कीमतें 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती हैं।

फिलहाल आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद सरकार के कदमों और बाजार में प्याज की उपलब्धता पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। त्योहारों से पहले महंगाई का यह असर लोगों की जेब पर कितना पड़ता है, यह आने वाला समय तय करेगा।

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