कर्नाटक

‘सुरक्षित फुटपाथ’ अभियान चौथे दिन में, 202 किलोमीटर से अधिक अतिक्रमण हटाया गया

Kavita2
4 July 2026 1:44 PM IST
‘सुरक्षित फुटपाथ’ अभियान चौथे दिन में, 202 किलोमीटर से अधिक अतिक्रमण हटाया गया
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Karnataka कर्नाटक: शहर में चल रहा ‘सुरक्षित फुटपाथ’ अभियान आज अपने चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। नगर निकायों की ओर से जारी कार्रवाई के तहत अब तक शहर भर में 202.7 किलोमीटर से अधिक अतिक्रमित फुटपाथों को साफ कराया जा चुका है। इस अभियान का उद्देश्य पैदल यात्रियों की आवाजाही को बाधित करने वाले सभी प्रकार के भौतिक अतिक्रमणों को हटाना और फुटपाथों को सुरक्षित एवं सुगम बनाना है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी विशेष वर्ग या केवल सड़क विक्रेताओं को लक्षित करके नहीं चलाया जा रहा है, बल्कि इसका मुख्य फोकस उन सभी संरचनाओं और वस्तुओं को हटाना है जो सार्वजनिक फुटपाथों पर बाधा उत्पन्न कर रही हैं। प्रशासन ने कहा कि पैदल चलने वालों की सुरक्षा और सुविधा इस अभियान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु के पांच शहरी निगमों में अब तक कुल 61.45 किलोमीटर फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। इसके साथ ही पूरे अभियान की शुरुआत से लेकर अब तक हटाए गए फुटपाथों की कुल लंबाई 202 किलोमीटर से अधिक पहुंच गई है, जो इस अभियान की व्यापकता को दर्शाता है।

अधिकारियों ने बताया कि पहले दो दिनों के भीतर ही लगभग 141 किलोमीटर अतिक्रमित फुटपाथों को साफ कर दिया गया था। इस तेजी से की गई कार्रवाई ने अभियान की गति को और मजबूत किया है। नगर निकायों ने विभिन्न क्षेत्रों में टीमों को तैनात कर लगातार निरीक्षण और हटाने की कार्रवाई जारी रखी है।

अभियान के दौरान फुटपाथों पर मौजूद विभिन्न प्रकार के अवरोधों को हटाया गया, जिनमें छोटी दुकानें, अस्थायी ठेले, शेड, छत के ढांचे और रैंप शामिल हैं। कई जगहों पर फुटपाथों पर बनाए गए अनधिकृत निर्माणों को भी हटाया गया, जो पैदल चलने वालों के लिए परेशानी का कारण बन रहे थे।

इसके अलावा, कुछ नगर निगमों ने ऐसे दोपहिया वाहन और कारों को भी हटाया है जो लंबे समय से फुटपाथों पर खड़े किए गए थे या जिन्हें छोड़ दिया गया था और जो आम लोगों की आवाजाही में बाधा डाल रहे थे। प्रशासन ने ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी की है।

नगर निकायों के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल अस्थायी कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शहर के फुटपाथों को स्थायी रूप से पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाना है। इसके लिए नियमित निगरानी और भविष्य में पुनः अतिक्रमण रोकने की व्यवस्था भी की जा रही है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि कई स्थानों पर फुटपाथों पर अवैध रूप से बनाए गए ढांचे और रैंप न केवल पैदल चलने वालों के लिए बाधा बन रहे थे, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ा रहे थे। ऐसे सभी अवरोधों को हटाकर फुटपाथों को साफ और व्यवस्थित किया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य किसी की आजीविका को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि शहर में सुरक्षित पैदल चलने की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। जहां आवश्यक है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था और पुनर्वास को लेकर भी विचार किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने इस अभियान पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कई नागरिकों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे पैदल चलने में सुविधा बढ़ेगी और यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। वहीं कुछ लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडरों की आजीविका पर इसका नकारात्मक असर न पड़े।

नगर निकायों ने बताया कि अभियान के दौरान हर क्षेत्र का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है और अतिक्रमण की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। टीमों को यह भी निर्देश दिया गया है कि कार्रवाई के दौरान संवेदनशीलता और पारदर्शिता बनाए रखी जाए।

अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा और जिन क्षेत्रों में अभी भी अतिक्रमण शेष है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही फुटपाथों के रखरखाव और निगरानी के लिए एक स्थायी तंत्र विकसित किया जा रहा है।

कुल मिलाकर ‘सुरक्षित फुटपाथ’ अभियान शहर में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है और शहरी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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