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Bengaluru बेंगलुरु। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी Ola Electric के सीईओ भाविश अग्रवाल, वरिष्ठ अधिकारी सुब्रत कुमार दास, और कंपनी के खिलाफ एक Ola कर्मचारी की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला कंपनी के इंजीनियर के. अरविंद की संदिग्ध मौत से जुड़ा है, जिसने कथित तौर पर 28 सितंबर 2025 को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के अनुसार, यह एफआईआर 6 अक्टूबर 2025 को दर्ज की गई, जब जांच के दौरान अरविंद के कमरे से 28 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ। सुसाइड नोट में अरविंद ने कंपनी के सीईओ भाविश अग्रवाल और वरिष्ठ अधिकारी सुब्रत कुमार दास पर मानसिक उत्पीड़न, अत्यधिक काम के दबाव, और वेतन भुगतान न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
कंपनी से खाते में ट्रांसफर हुई थी बड़ी राशि
मामले की जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि अरविंद की मौत के दो दिन बाद 30 सितंबर को कंपनी की ओर से ₹17.46 लाख की राशि उसके बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस अब इस लेनदेन की जांच कर रही है कि क्या यह बकाया वेतन या किसी अन्य समझौते से संबंधित थी।
सुसाइड नोट में किए गए चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अरविंद द्वारा छोड़े गए 28 पन्नों के सुसाइड नोट में उसने विस्तार से लिखा है कि उसे लंबे समय से कंपनी में अत्यधिक कार्यभार दिया जा रहा था और अधिकारियों की ओर से लगातार मानसिक दबाव डाला जा रहा था। उसने लिखा कि वह बार-बार अपने अधिकारों और बकाया भुगतान की बात उठाता था, लेकिन उसे धमकियों और अपमान का सामना करना पड़ता था। सुसाइड नोट में अरविंद ने लिखा है, “मैंने पूरी निष्ठा से काम किया, लेकिन मुझे प्रताड़ित किया गया। मेरी मेहनत का सम्मान नहीं हुआ, और मेरे साथ अन्याय हुआ।”
एफआईआर में दर्ज आरोप
पुलिस ने दर्ज की गई एफआईआर में भाविश अग्रवाल और सुब्रत कुमार दास के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। बेंगलुरु सिटी पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि, “हम सुसाइड नोट, बैंक लेनदेन, और कंपनी के ईमेल रिकॉर्ड्स की जांच कर रहे हैं। शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है, और आगे की जांच जारी है। कंपनी की प्रतिक्रिया
Ola Electric की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, कंपनी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और कंपनी जांच में सहयोग कर रही है।”
तकनीकी क्षेत्र में कार्य संस्कृति पर सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद कॉरपोरेट सेक्टर में कर्मचारियों पर बढ़ते वर्क प्रेशर और मानसिक तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला भारत के टेक और स्टार्टअप जगत में वर्क-लाइफ बैलेंस और कर्मचारी कल्याण से जुड़ी गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है।
पुलिस जांच जारी
बेंगलुरु पुलिस ने बताया कि वह Ola Electric के वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है और कंपनी के आंतरिक संचार रिकॉर्ड्स, ईमेल और ट्रांजैक्शन डिटेल्स को खंगाल रही है। साथ ही, अरविंद के परिवार के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।
जांच अधिकारी ने कहा, “हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वाकई कर्मचारी पर इतना मानसिक दबाव था कि उसने आत्महत्या का कदम उठाया।”
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