
Karnataka कर्नाटक : ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी कामों में बाधा आ रही है, क्योंकि पंचायत विकास अधिकारी और ग्राम लेखपाल केन्द्रीय स्थान पर नहीं रहते हैं।
पीडीओ और वीए गांवों में सुस्ती दिखा रहे हैं। हालांकि नियम है कि उन्हें अपने कार्यस्थल की सीमा में ही रहना चाहिए, लेकिन वे इसका पालन नहीं कर रहे हैं। वे शहर में रह रहे हैं। वे सुबह गांव जाते हैं और शाम को शहर लौट आते हैं। कुछ मामलों में लोगों ने उन पर बैठकों और अन्य कार्यक्रमों के बहाने हफ्तों तक गांव से बाहर रहने का आरोप लगाया है।
लोगों को अपने काम करवाने के लिए गांवों से पीडीओ और वीए के घरों तक जाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि उनके केन्द्रीय स्थान पर नहीं रहने के कारण स्थानीय प्रशासन कारगर नहीं हो पा रहा है।
नरेगा मजदूरी, भूमि माप प्रक्रिया और अन्य कामों के लिए पीडीओ महीनों से उपलब्ध नहीं हैं। उनके कार्यालय आने की भी कोई जानकारी नहीं है। जब कार्यालय के कर्मचारी पूछते हैं, तो वे अक्सर कहते हैं, 'वे मीटिंग में गए हैं। कल आएंगे।'





