
भुवनेश्वर : ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (OCC) लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजय कुमार किसपाट्टा को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस की जांच में उनकी ज्ञात आय के स्रोत से अधिक संपत्ति मिलने का दावा किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, संजय कुमार किसपाट्टा भुवनेश्वर स्थित OCC लिमिटेड में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर तैनात थे। वर्तमान में वह बलांगीर जिले के लोअर सुकटेल प्रोजेक्ट में डेप्युटेशन पर कार्यरत थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें जयपुर स्थित विजिलेंस के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि इंजीनियर से जुड़ी संपत्तियों की तलाशी के दौरान कई ऐसी चल और अचल संपत्तियां मिलीं, जिनका वह संतोषजनक स्रोत नहीं बता सके। इसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।
विजिलेंस की ओर से की गई जांच में कई बड़ी संपत्तियों का खुलासा हुआ है। एजेंसी के मुताबिक, तलाशी के दौरान दो बहुमंजिला इमारतें मिली हैं। इनमें से एक करीब 8,000 वर्गफीट क्षेत्रफल में बनी व्यावसायिक इमारत है, जिसमें 23 कमरे और थ्री-स्टार होटल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
इसके अलावा विजिलेंस को नौ महंगे प्लॉट भी मिले हैं। जांच एजेंसी इन संपत्तियों के खरीद स्रोत और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में इन संपत्तियों का मूल्य इंजीनियर की घोषित आय से काफी अधिक पाया गया है।
तलाशी अभियान के दौरान विजिलेंस टीम ने 46.09 लाख रुपये के बैंक डिपॉजिट, 1.16 लाख रुपये नकद, 325.562 ग्राम सोने के आभूषण और 1.121 किलोग्राम चांदी भी बरामद की है।
इसके अलावा दो चार पहिया वाहन और अन्य चल संपत्तियों का भी पता चला है। विजिलेंस अब इन सभी संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इन्हें किस तरह अर्जित किया गया।
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के तहत सरकारी अधिकारियों की संपत्तियों की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि किसी अधिकारी की संपत्ति उसकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई जाती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है।
संजय कुमार किसपाट्टा के मामले में भी इसी प्रक्रिया के तहत जांच आगे बढ़ाई गई। तलाशी के दौरान मिली संपत्तियों और दस्तावेजों के आधार पर विजिलेंस ने कार्रवाई की है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रूप से अर्जित संपत्तियां कब और किस माध्यम से खरीदी गईं। इसके लिए बैंक रिकॉर्ड, जमीन के दस्तावेज और अन्य वित्तीय लेन-देन की जांच की जाएगी।
ओडिशा विजिलेंस ने पिछले कुछ समय में कई सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों में कार्रवाई की है। इन मामलों में संपत्तियों की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जाती है।
फिलहाल संजय कुमार किसपाट्टा की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। उन्हें विशेष अदालत में पेश किए जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले समय में यदि कोई अन्य जानकारी सामने आती है तो उसके आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है।





